Major Earthquake Predicted in Pakistan in 48 Hours: पाकिस्तान के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। इस दौरान एक विनाशकारी भूकंप आएगा, जिससे पाकिस्तान में भारी तबाही होगी। चौंकिए नहीं, ये एक डच शोध संगठन की पाकिस्तान को लेकर भविष्यवाणी है।
इसके बाद पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई है। पाकिस्तान में भूकंप की खबर को लेकर मैसेज वायरल हो रहे हैं। पाकिस्तानी न्यूज साइट डॉन के अनुसार, अधिकारियों ने इसे काफी गंभीरता के साथ लिया है। इसी बीच मंगलवार को दोपहर 2.51 बजे नेपाल में 6.2 रिक्टर स्केल का भूकंप आ गया। इस भूकंप से नेपाल के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड भी हिल गए।
पाकिस्तान ने गंभीरता से ली ये चेतावनी
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार कहा गया है कि इस तथ्य के अलावा वैज्ञानिक समुदायों ने कहा है कि इस तरह से भूकंप की भविष्यवाणी करना असंभव है। ईरानी मीडिया आउटलेट्स की रिपोर्टों से पता चलता है कि भविष्यवाणी को सीमा के दूसरी ओर भी गंभीरता से लिया जा रहा है। डॉन के मुताबिक नीदरलैंड के सोलर सिस्टम ज्योमेट्री सर्वे (एसएसजीएस) की ओर से बलूचिस्तान में चमन फॉल्ट लाइन पर एक मजबूत भूकंप आने की भविष्यवाणी की गई है।
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वैज्ञानिकों ने दर्ज की भूगर्भीय गतिविधियां
दावे सबसे पहले एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए थे, लेकिन एसएसजीएस के एक शोधकर्ता और भूकंपविज्ञानी फ्रैंक हूगरबीट्स की ओर से दोहराए जाने के बाद इस बात ने काफी जोर पकड़ लिया है। डच शोधकर्ता ने एक्स पर पोस्ट किया कि 30 सितंबर को हमने वायुमंडलीय उतार-चढ़ाव दर्ज किया है, जिसमें पाकिस्तान के कुछ हिस्से और उसके आसपास के हिस्से शामिल थे। यह सही है। यह आने वाले मजबूत झटके का संकेतक हो सकता है (जैसा कि मोरक्को के मामले में था), लेकिन हम निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि ऐसा होगा।
पाकिस्तान में इस जगह पर भूकंप की थी भविष्यवाणी
डच शोधकर्ता हुगरबीट्स के अनुसार अगले 48 घंटों में पाकिस्तान में छह या उससे अधिक रिक्टर तीव्रता वाला एक बड़ा भूकंप खासकर चमन फॉल्ट लाइन पर आने की आशंका है। हालांकि ये भविष्यवाणी 29 सितंबर को की गई थी। इससे पहले हुगरबीट्स ने फरवरी में तुर्की और सीरिया में एक महत्वपूर्ण भूकंप की चेतावनी दी थी।
उस महीने के अंत में 7.8 तीव्रता के भूकंप में 50,000 से अधिक लोग मारे गए थे। उन्होंने 30 जनवरी, 2023 को पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और चीन में भूवैज्ञानिक गतिविधि में वृद्धि की भविष्यवाणी की। बाद में 7 फरवरी को पाकिस्तान में आए 6.8 तीव्रता के भूकंप ने नौ लोगों की जान ले ली।
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अलग-अलग हैं विचार
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एसएसजीएस की ओर से पहचाने गए फॉर्मूले को अभी तक दुनिया के वैज्ञानिक निकायों की ओर से मान्यता नहीं दी गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का कहना है कि भूकंप की आशंका के लिए तीन महत्वपूर्ण कारकों का पता लगाना आवश्यक है। सटीक तारीख और समय, स्थान, और घटना का आकार या गंभीरता।
बलूचिस्तान के वैज्ञानिक ने कही ये बात
बलूचिस्तान विश्वविद्यालय में पर्यावरण विज्ञान संकाय के पूर्व डीन प्रोफेसर दीन मुहम्मद ने भूमिगत गतिविधि के कारण चमन फॉल्ट लाइन के साथ कंपन की रिपोर्ट को स्वीकार किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि इस फॉल्ट लाइन से उत्पन्न होने वाले भूकंप का समय अभी भी अनिश्चित है।
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