मिडिल ईस्ट में जंग का आज 10वां दिन है। इसका असर अब बाकी देशों के संसाधनों पर होने लगा है। ईरान पर हमले का सबसे ज्यादा असर कच्चे तेल पर देखने को मिल रहा है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें सोमवार को 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। बता दें कि ऐसा जुलाई 2022 के बाद पहली बार है।
Brent Crude 102.50 डॉलर और WTI क्रूड 101.20 डॉलर पर कारोबार कर रहा था जो पिछले हफ्ते के मुकाबले 8% की तेजी दर्शाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह Hormuz जलडमरूमध्य की रुकावट है जिसकी वजह से 20% वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है और जिससे शिपिंग लागत 30% बढ़ गई है। OPEC+ देशों ने उत्पादन में 2.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कटौती जारी रखने की वजह से भी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट की कीमत लगभग 4 सालों में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। तेल की कीमतें अब 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों से पहले की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक हैं। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज में कारोबार फिर से शुरू होने पर अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। यह शुक्रवार के बंद भाव 92.69 डॉलर से 23% की वृद्धि है।
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