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'कायरों हम तुम्हें याद रखेंगे… किसी की मदद की जरूरत नहीं', अब किसपर भड़के ट्रंप

Iran Israel War: ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया, ‘हम ईरान से तत्काल खदान बिछाने, ड्रोन-मिसाइल हमलों और समुद्री यातायात रोकने की कोशिशें बंद करने का आह्वान करते हैं.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित करने में मदद न करने वाले सहयोगी देशों को ‘कायर’ करार देते हुए कड़ा संदेश दिया है. ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ट्रंप ने गुस्से में कहा, ‘कायरों, हम तुम्हें याद रखेंगे!’ उन्होंने तेल कीमतों पर शिकायत करने वाले सहयोगियों पर निशाना साधा कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने में सहयोग क्यों नहीं कर रहे. यह बयान ऐसे समय आया जब ईरान-अमेरिका संघर्ष को 21 दिन पूरे हो चुके हैं और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है.

ट्रंप ने युद्धपोत तैनात करने का बनाया था दबाव


ट्रंप ने नाटो और अन्य सहयोगियों पर दबाव बनाया कि वे अमेरिका की अगुवाई में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुरक्षित करने में युद्धपोत तैनात करें. उनका कहना था कि अमेरिका ने नाटो को इतना सहयोग दिया, फिर भी समर्थन नहीं मिल रहा. ईरान द्वारा परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के हित में भी सहयोगी चुप हैं.

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इस बीच, ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतें 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जो युद्ध से पहले 70 डॉलर के आसपास थी. खाड़ी क्षेत्र का 20 प्रतिशत तेल इसी होर्मुज से गुजरता है, जिसका असर एशिया सहित पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. खाद्य पदार्थों, उर्वरकों और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें चढ़ रही हैं, जबकि कंप्यूटर चिप्स के लिए हिलियम जैसी सामग्री की आपूर्ति बाधित हो गई है. ईरान ने जवाबी कार्रवाई में 23 व्यापारिक जहाजों पर हमले किए, जिनमें 10 टैंकर शामिल हैं.

इन देशों ने जारी किया संयुक्त बयान


हालांकि, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान की निंदा की. उन्होंने होर्मुज में सुरक्षित पारगमन के लिए ‘उपयुक्त प्रयासों’ में शामिल होने और ऊर्जा बाजार स्थिर करने का वादा किया. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया, ‘हम ईरान से तत्काल खदान बिछाने, ड्रोन-मिसाइल हमलों और समुद्री यातायात रोकने की कोशिशें बंद करने का आह्वान करते हैं.’ फिर भी, होर्मुज प्रभावी रूप से बंद बना हुआ है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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