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चीन का एक और कमाल! अब ब‍िना नेटवर्क होगी कॉल‍िंंग, दुन‍िया में पहली बार क‍िया ये काम

China Revolutionized Smartphone Communication: चीन ने एक ऐसी सैटेलाइट विकसित की है जो स्मार्टफोन के जरिए कॉल करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। इसके जरिए कॉल सीधे सैटेलाइट के जरिए होगी और कॉल करने के लिए जरूरी मोबाइल नेटवर्क के लिए टॉवर की आवश्यकता नहीं रह जाएगी। इस रिपोर्ट में पढ़िए सैटेलाइट स्मार्टफोन कम्युनिकेशन के क्षेत्र में चीन के इस रिवॉल्यूशनरी कदम के बारे में।

Representative Image (Pixabay)
China Revolutionized Smartphone Communication : सैटेलाइट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में चीन ने बड़ी सफलता हासिल की है। चीनी वैज्ञानिकों ने दुनिया की पहली ऐसी सैटेलाइट डेवलप की है जिसके जरिए स्मार्टफोन्स से सीधे कॉल की जा सकेगी। इसके लिए अब ग्राउंड बेस्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे टॉवर आदि की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस सैटेलाइट को टियांगटोंग (Tiangtong) नाम दिया गया है। इस शब्द का अर्थ 'स्वर्ग से संपर्क' होता है। Tiangtong-1 सैटेलाइट सीरीज की शुरुआत 6 अगस्त 2016 को पहली लॉन्चिंग के साथ हुई थी। अब इस सीरीज में 3 सैटेलाइट शामिल हो चुकी हैं जो पूरे एशिया-पैसिफिक क्षेत्र को कवर करती हैं। बता दें कि हुवावे ने पिछले साल सितंबर में दुनिया का पहला ऐसा स्मार्टफोन लॉन्च किया था जो सैटेलाइट कॉलिंग को सपोर्ट करता था। अब शाओमी, ऑनर और ओप्पो जैसी अन्य चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों के लिए भी इसका रास्ता तैयार हो गया है।

कॉल क्वालिटी की समस्या कैसे की दूर?

यह कारनामा कर दिखाया है चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने। एकेडमी ने कहा है कि मोबाइल फोन के लिए डायरेक्ट सैटेलाइट कनेक्टिवटी एक नए डेवलपमेंट ट्रेंट की तरह सामने आई है। आम जनता के बीच सैटेलाइट कम्युनिकेशन समय के साथ लोकप्रिय होगा। हालांकि, सैटेलाइट कॉलिंग में पैसिव इंटरमॉड्यूलेशन की समस्या आती है जो सैटेलाइट कॉल्स की क्वालिटी खराब कर सकता है। इस पर भी काम किया गया है। कॉल क्वालिटी को लेकर चीनी वैज्ञानिकों ने टियांगटोंग सैटेलाइट्स में बेहद सेंसिटिव रिसेप्शन कैपिबिलिटीज इनेबल की हैं। इससे बिना एक्सटर्नल एंटीना के सामान्य स्मार्टफोन्स भी सिग्नल कैच कर सकते हैं। लेकिन, सैटेलाइट्स के एक्स्ट्रीम तापमान से एक्सपोजर और मल्टिपल फ्रीक्वेंसी बैंड्स पर ऑपरेशंस को देखते हुए इस कैपिबिलिटी को काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे कॉलिंग में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। ये भी पढ़ें: दूसरा विश्वयुद्ध खत्म हो गया, पर 29 साल तक अकेले लड़ता रहा था ये सैनिक ये भी पढ़ें: इजराइल पर कभी भी हमला कर देगा ईरान! नेतन्याहू की सेना हाई अलर्ट पर ये भी पढ़ें: इस देश ने किस तरह तोड़ दिया चीन के ‘साइबर क्राइम सिंडिकेट’ का जाल? ये भी पढ़ें: जानिए ऐसे 5 वैज्ञानिकों के बारे में, जिनके आविष्कारों ने ही ले ली उनकी जान  


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