मिडिल ईस्ट की जंग में अब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर टेंशन बढ़ गई है। घोषणा के अनुसार, अमेरिका ने कल होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी कर दी। ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के लिए अमेरिका के 15 से ज्यादा जंगी जहाज तैनात हैं, जो रात के अंधेरे में भी उड़ान भरने वाले घातक F-35B लाइटनिंग II स्टील्थ फाइटर्स और MV-22 ऑस्प्रे विमानों से लैस हैं। लेकिन होर्मुज की नाकेबंदी से चीन भड़क गया है और उसने अमेरिको को सीधी धमकी दे दी है।
‘होर्मुज नाकेबंदी के पास आए तो उड़ा देंगे…’, ट्रंप की खुली वॉर्निंग, जानें क्या बोला ईरान?
---विज्ञापन---
अमेरिका को रास्ते का कांटा न बनने की धमकी
नाकेबंदी होने के बाद चीन के समुद्री जहाजों को वापस लौटना पड़ा। इससे चीन भड़क गया और अमेरिका को चेतावनी दी कि वह हमारे काम में दखल न दे तो बेहतर होगा। वह हमारे रास्ते का अड़ंगा न बने तो स्थिरता और शांति बनी रहेगी। चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन ने बयान जारी किया कि चीन मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन वह ईरान के साथ अपने ऊर्जा और व्यापार समझौतों का सम्मान करेगा और दोनों देशों के रिश्तें में तीसरे का दखल स्वीकार नहीं करेगा।
---विज्ञापन---
चीन के जहाजों को होर्मुज में न रोकने की धमकी
चीन का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल है और इस रास्ते से चीन के जहाजों की आवाजाही होगी। इसे रोकने या ब्लॉक करने की कोशिश अमेरिका न करे। ईरान के साथ हमारे व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं। हम वे समझौते मानेंगे, निभाएंगे और उनका सम्मान भी करेंगे। अमेरिका दूसरों के मामलों में दखल न दे। न हम देंगे और न ही किसी को देने देंगे। होर्मुज स्ट्रेट का विवाद बातचीत करके सुलझाया जा सकता है। इसके लिए अमेरिका और ईरान दोनों को प्रयास करना चाहिए।
---विज्ञापन---
15 युद्धपोत, F-35 फाइटर जेट्स और ओस्प्रे विमान… ईरान को घेरने के लिए US ने उतारा सबसे घातक बेड़ा
---विज्ञापन---
होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से कई देशों में नाराजगी
बता दें कि स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोब्लेस ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि होमुज की नाकेबंदी 'बेमतलब' की है। मिडिल ईस्ट का संघर्ष पहले ही दुनिया को खतरनाक स्थिति में ले जा चुका है। अब हालात और बिगड़ सकते हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज कहते हैं कि उन्हें नाकेबंदी में शामिल होने के लिए कोई रिक्वेस्ट नहीं आई है और इस रास्ते को सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए, नाकेबंदी करना गलत बात है।
---विज्ञापन---