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पहले पाकिस्तान, अब ईरान में खुली चीन की पोल! US और इजरायल के सामने फ्लॉप रहा ड्रैगन का HQ-9B

HQ-9B केवल ईरान ही नहीं, बल्कि खुद चीन के रक्षा तंत्र का मुख्य आधार है. इसे बीजिंग, तिब्बत और दक्षिण चीन सागर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है.

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अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले ने ना केवल ईरान में भीषण तबाही मचाई है, बल्कि दुनिया के ‘हथियार बाजार’ में भी हड़कंप मचा दिया है. हवाई हमलों ने ईरान के 20 से अधिक प्रांतों को खंडहर में तब्दील कर दिया. इस विनाश के बीच सबसे बड़ा सवाल चीन के उस HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम पर उठ रहा है, जिसे ईरान ने अपनी सुरक्षा का अभेद्य किला माना था. Q-9B एयर डिफेंस सिस्टम, जिसे ईरान ने हाल ही में चीन से खरीदा था, लेकिन वह नाकाम साबित हुआ.

ईरान के पास कैसे आया?

ईरान ने रूस के S-300 सिस्टम के विफल होने के बाद चीन के साथ एक ‘हथियार के बदले तेल’ डील की थी. इसी सौदे के तहत तेहरान को चीन का सबसे आधुनिक ‘सतह से हवा में मार करने वाला’ HQ-9B सिस्टम मिला. इसे नतांज़ परमाणु परिसर और इस्फ़हान जैसे रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था.

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चीन के लिए क्यों बड़ा झटका?

HQ-9B केवल ईरान ही नहीं, बल्कि खुद चीन के रक्षा तंत्र का मुख्य आधार है. इसे बीजिंग, तिब्बत और दक्षिण चीन सागर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है. ईरान में इसकी नाकामी ने चीन के सैन्य निर्यात और उसकी अपनी सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है.

इससे पहले, HQ-9B पाकिस्तान में भी नाकाम साबित हुआ था.जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था.

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क्या है HQ-9B?

चीन एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ने रूसी S-300PMU और अमेरिकी पैट्रियट PAC-2 सिस्टम देखते हुए यह एयर डिफेंस सिस्टम तैयार किया था. इसे पूरी तरह से स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम के रूप में तैयार किया गया था. इसका पहला परीक्षण साल 2006 में किया गया था. यह पिछले एक दशक से इसका इस्तेमाल किया जा रहा है.

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कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी मारक क्षमता 260 किलोमीटर है और यह मिसाइलों को मार गिराने के लिए 50 किलोमीटर तक ऊपर जा सकता है. HQ-9B एक साथ 6-8 लक्ष्यों पर निशाना साध सकता है और 100 तक ट्रैक कर सकता है.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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