Canada Immigration Visa Rule Changes Impact: ओटावा के नए इमिग्रेशन नियमों ने कनाडा में रह रहे हजारों भारतीय स्टूडेंट, टूरिस्ट और काम करने वालों की परेशानी बढ़ा दी है। दरअसल कनाडाई अधिकारियों को खास परिस्थितियों में स्टडी और वर्क परमिट रद्द करने का अधिक अधिकार दे दिया गया है। ऐसा होने पर कनाडा में रहे रहे भारतीयों पर सीधा असर पड़ सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि कुछ महीने पहले स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (एसडीएस) वीजा कार्यक्रम के निलंबन के साथ, कनाडा में सख्ताई हो सकती है। इससे हजारों भारतीयों को वित्तीय नुकसान हो सकता है।
इमिग्रेशन के नियमों में बड़ा बदलाव
कनाडा ने अपने इमिग्रेशन नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। 31 जनवरी से लागू हुए नए इमिग्रेशन और रिफ्यूजी प्रोटेक्शन नियम में सीमा अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक यात्रा के ऑथराइजेशन (ईटीए) और अस्थायी निवासी वीजा (टीआरवी) जैसे टेंपरेरी रहने वाले निवासियों के दस्तावेजों को रद्द करने का अधिकार देते हैं। नए नियमों से हर साल हजारों विदेशी नागरिकों, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, पर असर पड़ने की संभावना है। इन बदलावों का असर छात्रों, कर्मचारियों और अस्थायी निवासी विजीटर्स पर पड़ेगा जिसमें से भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, कनाडा में लगभग 4,27,000 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
कनाडा के सीमा अधिकारी किन आधारों पर कर सकते हैं वीजा रद्द
बदले गए नियमों के अनुसार, कनाडाई इमिग्रेशन और सीमा अधिकारियों को विशिष्ट परिस्थितियों में ईटीए, टीआरवी, वर्क परमिट और स्टडी परमिट रद्द करने का अधिक अधिकार देते हैं। इनमें कौन-कौन से मामले शामिल हैं वो जान लेते हैं।
1. किसी व्यक्ति की स्थिति या परिस्थितियां बदल जाने पर उसे अयोग्य या अस्वीकार्य बना दिया जाता है, जैसे गलत जानकारी देना, आपराधिक रिकॉर्ड होना, या मृत होना।
2. अगर अधिकारी को यह विश्वास न हो कि व्यक्ति अपने अधिकृत प्रवास की अवधि समाप्त होने के बाद कनाडा छोड़ देगा।
3. संशोधित नियमों के अनुसार, भारत के छात्रों सहित सभी छात्रों को अगर वर्क या स्टडी वीजा देने से मना कर दिया जाता है, तो उनके इमिग्रेशन दस्तावेज रद्द किए जा सकते हैं। नीति में यह भी गारंटी दी गई है कि किसी भी अनधिकृत हस्तक्षेप से बचने के लिए केवल इमिग्रेशन और सीमा अधिकारी ही इन वीज़ा को रद्द कर सकते हैं।
4. रिपोर्टों के अनुसार, संशोधित नियमों के परिणामस्वरूप लगभग 7,000 अतिरिक्त अस्थायी निवासी वीजा, कार्य परमिट और अध्ययन परमिट रद्द हो जाएंगे।
5. भारतीयों सहित विदेशियों, जिनके परमिट रद्द कर दिए गए हैं, को कनाडा के बंदरगाहों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगने या कनाडा छोड़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
6. कनाडा में पढ़ने वाले 4,27,000 छात्रों के अलावा, भारत से हर साल लाखों पर्यटक भी आते हैं। जनवरी से जुलाई 2024 के बीच, कनाडा ने भारतीयों को 3,65,750 विज़िटर वीज़ा जारी किए, जो 2023 में इसी अवधि के दौरान जारी किए गए 345,631 वीज़ा से ज्यादा है।
7. नये नियमों के तहत, यदि अध्ययन परमिट रद्द कर दिए गए तो छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने या स्नातक होने के बाद कार्य परमिट प्राप्त करने में परेशानी होगी।