अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते के बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं. दोनों देशों के बीच फिर से सैन्य कार्रवाई और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे पूरी दुनिया की चिंता बढ़ गई है. हाल की घटनाओं ने ये सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या संयुक्त राष्ट्र (UN) या अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) इस लड़ाई को रोक सकते हैं.
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क्या है अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ)?
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice) संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा न्यायिक संस्थान है. इसका मुख्यालय नीदरलैंड के हेग शहर में मौजूद है. ये अदालत देशों के बीच कानूनी विवादों का समाधान करती है और अंतरराष्ट्रीय कानून की व्याख्या करती है. हालांकि, ICJ किसी देश के खिलाफ अपने आप कार्रवाई नहीं कर सकता. इसके लिए देशों का अदालत के अधिकार क्षेत्र को मंज़ूर करना जरूरी होता है. अगर कोई देश अदालत के फैसले को मानने से इनकार कर दे तो ICJ के पास उसे सीधे लागू कराने की शक्ति नहीं होती.
UNSC की क्या भूमिका होती है?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाती है. अगर किसी संघर्ष से ग्लोबल शांति को खतरा होता है तो सुरक्षा परिषद बैठक बुलाकर युद्धविराम की अपील कर सकती है, बैन लगा सकती है या शांति मिशन भेज सकती है. लेकिन सुरक्षा परिषद के फैसलों में पांच स्थायी सदस्य देशों अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस को वीटो का अधिकार मिला हुआ है. अगर इनमें से कोई एक देश किसी प्रस्ताव का विरोध कर दे तो वो प्रस्ताव पास नहीं हो सकता. इसलिए अमेरिका जैसे स्थायी सदस्य से जुड़े मामलों में कार्रवाई करना अक्सर मुश्किल हो जाता है.
क्या रुक सकता है संघर्ष?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ कानूनी संस्थाएं ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक बातचीत, मध्यस्थता और दोनों देशों की राजनीतिक इच्छा भी किसी संघर्ष को खत्म करने में अहम भूमिका निभाती है. संयुक्त राष्ट्र बातचीत की पहल कर सकता है और शांति की अपील कर सकता है, लेकिन वो अकेले किसी देश को युद्ध रोकने के लिए मजबूर नहीं कर सकता. फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है. अगर दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू होती है तो तनाव कम हो सकता है. वहीं अगर सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो संयुक्त राष्ट्र और बाकी ग्लोबल संस्थाओं पर दबाव बढ़ सकता है कि वो शांति बहाल करने के लिए और सक्रिय भूमिका निभाएं.
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