जले हुए अंग, जख्मों पर बदबूदार दवाई; क्या एलियंस ने मारा था मशहूर बिजनेसमैन, देखें क्या कहती जांच रिपोर्ट?

Zigmund Adamski Murder Mystrey: बिजनेसमैन जिग्मंड एडम्स्की का मर्डर केस आज तक अनसुलझा है। लाश बुरी हालत में मिली थी, लेकिन आज तक हत्या होने की वजह पता नहीं चली। हत्या कैसे हुई, इसका खुलासा भी नहीं हुआ। आइए जानते हैं कि आखिर केस क्या है?

Britain Mining Businessman Zigmund Adamski Murder Mystry

Businessman Zigmund Adamski Dead Body

विज्ञापन

Businessman Zigmund Adamski Murder Mystry: ब्रिटेन में माइनिंग इंडस्ट्री के मशहूर बिजनेसमैन ज़िग्मंड एडम्सकी की मौत कैसे हुई? क्या उसे रूस की एजेंसी KGB ने मारा था या एलियंस ने उसकी हत्या की थी, यह आज तक रहस्य बना हुआ है। जून 1980 में यॉर्कशायर के रहने वाले जिग्मंड की लाश बहुत बुरी हालत में कोयले के 10 फीट ऊंचे ढेर के ऊपर मिल थी। उनकी शर्ट, पर्स और घड़ी गायब थी।

उन्होंने जो सूट पहना हुआ था, वह उनके शरीर पर अजीबोगरीब तरीके से बंधा हुआ था। शरीर के सभी अंग जले हुए थे और उन पर अजीबोगरीब और गंदी-सी दिखने वाली बदबूदार दवाई लगी थी, जो एक तरल पदार्थ था। आज तक दुनियाभर के वैज्ञानिक उस दवाई के बारे में पता नहीं लगा पाए हैं। न ही उस तरल पदार्थ की शिनाख्त हो पाई है?

विज्ञापन

 

आज तक मर्डर केस अनसुलझा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिग्मंड की मौत दिल का दौरा पड़ने से होने की पुष्टि हुई, लेकिन लाश की हालत देखकर पुलिस को कुछ और ही शक था, जो पुख्ता नहीं हो सकता। जिग्मंड की पत्नी लोटी ने उनके अपहरण का शक जताया था। ऐसी भी अफवाहें थीं कि उनका अपने परिवार के एक सदस्य के साथ झगड़ा चल रहा था, जो इस भयावह घटना से पहले उनके और उनकी पत्नी के साथ रहने आया था, लेकिन 5 दिन जिग्मंड कहां रहे?

विज्ञापन

उनकी मौत कैसे हुई? किसने और क्यों मारा? जख्मों पर दवाई किसने लगाई थी और वह दवाई कौन-सी है? आज तक इन सवालों का जवाब नहीं मिल पाया है। इस तरह एक बिजनेसमैन की हत्या एक मिस्ट्री बन गई है, जिसका न तो कोई सबूत मिला और न ही कोई सुराग मिला। परिवार और पुलिस दोनों के लिए मर्डर केस अनसुलझा है।

विज्ञापन

जानें कैसी हालत में मिली थी लाश?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 56 साल के जिग्मंड एडम्सकी उर्फ जिग्गी किराने का सामान खरीदने के लिए निकले थे, लेकिन वापस लौटकर नहीं आए। 5 दिन से लापता जिग्मंड की लाश 6 जून 1980 को उनके घर से 30 मील दूर वेस्ट यॉर्कशायर के टिंगले में टोडमॉर्डेन इलाके में एक कोयले के टीले के ऊपर मिली थी। डेड बॉडी रहस्यमयी तरल पदार्थ से लथपथ थी। चेहरा बर्फ जैसा जमा हुआ था। बाल बेतरतीब ढंग से कटे हुए थे।

जिग्मंड ने जो सूट पहना हुआ था, जो शरीर से बंधा हुआ था। 5 दिन तक लापता रहने के बावजूद उसकी दाढ़ी केवल एक दिन ही बढ़ी थी। सबसे अनोखी बात यह थी कि शरीर के सभी अंग जले हुए थे, जिनका उपचार एक अजीब मरहम से किया गया था, जिसे वैज्ञानिक पहचान नहीं पाए। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि मृतक का किसी अस्पताल में इलाज नहीं कराया गया था।

विज्ञापन

जिग्मंड की मौत की जांच करने वाले कोरोनर जेम्स टर्नबुल ने कहा कि यह उनके करियर का सबसे रहस्यमयी केस था। जिस हालत में लाश मिली थी, सिद्धांतकारों ने अपने-अपने स्पष्टीकरण दिए, जिसमें केजीबी हमले से लेकर एलियन द्वारा अपहरण तक शामिल था। कुछ लोगों का तो यह भी मानना था कि ज़िग्मंड को बॉल लाइटनिंग का झटका लगा होगा, जो एक दुर्लभ हादसा होगा।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ