बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में बीएनपी की प्रचंड जीत के बाद तारिक रहमान ने भारत के साथ संबंधों को लेकर पहला बयान दिया है. ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ के एजेंडे के साथ चुनाव जीतने वाले तारिक रहमान ने भारत के संबंधों को लेकर अपना रुख शनिवार को साफ कर दिया. उन्होंने अपने पहले संबोधन में कहा कि भारत के साथ उनकी विदेश नीति का आधार बांग्लादेश के ‘हित’ होंगे.
तारिक रहमान ने कहा कि ‘बांग्लादेश और उसके लोगों के हित हमारी विदेश नीति तय करेंगे.’ तारिक रहमान का यह बयान उनके पुराने रुख की तरह ही है, जिसमें कहा था कि बीएनपी सरकार भारत, चीन और पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखेगी और किसी भी देश को अपना ‘आका’ नहीं मानेगी.
तारिक रहमान की बीएनपी ने बांग्लादेश आम चुनाव में 297 में से 212 सीटें हासिल कीं हैं. कभी बीएनपी की सहयोगी रही कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी पार्टी तारिक की आंधी में काफी पीछे छूट गई. तारिक रहमान कुछ हफ्तों पहले ही 17 साल के निर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे थे. शेख हसीना की सरकार के तख्ता पलट के बाद ये आम चुनाव हुए हैं, जिसमें बीएनपी ने प्रचंड जीत हासिल की है.
पाकिस्तान से कैसे होंगे रिश्ते
अंदाजा लगाया जा रहा है कि तारिक पूरी तरह से पाकिस्तान से दूरी नहीं बनाएंगे. पाकिस्तान के साथ ही तारिक रहमान भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने पर भी ध्यान देंगे. बीएनपी ने अपने घोषणा पत्र में भारत के साथ संबंधों पर खुलकर कोई वादा नहीं किया था. हालांकि, पड़ोसी मुल्कों के साथ अच्छे संबंधों बनाने पर जोर देने की बात जरूर कही गई थी.
एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि तारिक रहमान पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध रखेंगे. लेकिन वह बांग्लादेश को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का गढ़ नहीं बनने देंगे. जैसा यूनुस के कार्यकाल के दौरान हुआ था. अभी तारिक रहमान का सबसे बड़ा काम अपने हिंसाग्रस्त देश में शांति लाना है.