Bangladesh Protest : बांग्लादेश में सरकार के एक कदम को लेकर हो रहा विरोध प्रदर्शन गुरुवार को ज्यादा ही आक्रामक हो गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकारी टीवी हेडक्वार्टर में आग लगा दी। रिपोर्ट के अनुसार इमारत के अंदर कई लोग फंसे हुए हैं। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी इमारत के अंदर घुस आए थे। उन्होंने कम से कम 60 गाड़ियों और ऑफिस बिल्डिंग को आग के हवाले कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इससे पहले ढाका के पास रामपुरा में एक पुलिस चौकी को भी प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी थी। जानकारी के मुताबिक पुलिस चौकी को आग लगाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वालों को दौड़ा लिया। पुलिस वाले भाग कर बांग्लादेश के सरकारी टीवी 'बीटीवी' के ऑफिस में पहुंचे। इसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने यहां तबाही मचानी शुरू कर दी। बीटीवी के सोशल मीडिया पर लिखा कि यह आग बेहद भीषण थी और तेजी से फैली। हमने फायर सर्विस से मदद मांगी है। अभी भी कई लोग इमारत के अंदर फंसे हुए हैं। आगे जानिए कि आखिर बांग्लादेश की सरकार ने ऐसा क्या किया जो वहां के लोग इतने ज्यादा गुस्से में हैं।

क्यों प्रदर्शन कर रहे छात्र?

दरअसल, यहां के छात्र सरकारी नौकरियों में कोटा और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। करीब 17 करोड़ की आबादी वाले इस देश में लगभग 3.2 करोड़ युवा बिना नौकरी या शिक्षा के हैं। छात्र सरकार से सरकारी नौकरियों में फ्रीडम फाइटर्स के परिवारों को मिलने वाले 30 प्रतिशत आरक्षण कोटे को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिस्टम भेदभाव से भरा हुआ है और प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के समर्थकों का फेवर करता है। वह इसकी जगह मेरिट सिस्टम मांग रहे हैं।

कम से कम 19 की गई जान

अलजजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई में अब तक कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल हुए हैं। बीते मंगलवार को 6 लोग मारे गए थे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। इनमें पुलिस को छात्रों पर खुली गोलीबारी करते हुए देखा जा सकता है। मौत के ये आंकड़े पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर सामने आए हैं। सरकार ने अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा है। इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।

सरकार का क्या कहना है?

प्रदर्शनकारियों की मौतों को लेकर प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सही और न्यायपूर्ण ट्रायल सुनिश्चित करने के लिए ज्यूडिशियल एन्क्वायरी का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश में अराजकता फैलान के लिए दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। हसीना ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि कुछ लोग इस आंदोलन का फायदा उठा रहे हैं और आतंकी गतिविधियों के जरिए अपने हित साधने की कोशिश कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वालों में अधिकांश युवा ही हैं।