BNP के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शुक्रवार को कहा कि हम उन लोगों के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे जिन्होंने अतीत में एक साथ सड़कों पर आंदोलन किए थे. आगे कहा- ‘हम हमेशा अपने वादों पर अडिग रहे हैं. हमने कहा था कि हम उन लोगों के साथ चुनाव लड़ेंगे जिनके साथ हमने पिछले दिनों सड़कों पर एक साथ आंदोलन किए थे और हम उनके साथ मिलकर सरकार बनाएंगे.’
बंपर जीत के बाद BNP ने शेख हसीना के भारत से प्रत्यर्पण को लेकर बड़ा बयान दिया है. BNP नेता सलाहुद्दीन अहमद ने कहा- ‘विदेश मंत्री पहले ही उनके प्रत्यर्पण के लिए तर्क दे चुके हैं, और हम भी इसका समर्थन करते हैं.’ आगे कहा- ‘हम हमेशा कानून के अनुसार उनके प्रत्यर्पण के लिए दबाव डालते हैं. यह दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों का मामला है. हमने भारत सरकार से भी अनुरोध किया है कि कृपया उन्हें बांग्लादेश में मुकदमे का सामना करने के लिए वापस भेज दें.’
ढाका में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीना सिकरी ने बांग्लादेश के चुनाव नतीजों पर कहा, ‘शेख हसीना 15 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहीं. उन्होंने भारत के साथ संबंधों को बहुत सफलतापूर्वक संभाला क्योंकि उन्होंने भारत की सुरक्षा संबंधी सीमाओं को स्वीकार किया था और इसी वजह से आर्थिक सहयोग बढ़ा, बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था विकसित हुई और वे काफी समृद्ध हुए. अगर अवामी लीग सत्ता में नहीं होती तो धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ 18 महीनों तक लगातार हिंसा होती रही और लोग सचमुच घुटनों पर आ गए थे. बांग्लादेश में चुनाव अंतरिम सरकार द्वारा आयोजित किए गए थे और यह वास्तव में कोई निर्वाचित सरकार नहीं थी. अंतरिम सरकार को नियुक्त किया गया था और वह भी संविधान के आधार पर नहीं, यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन का एक अभियान था.’
बांग्लादेश चुनाव के नतीजों पर लेखिका तसलीमा नसरीन का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा मैं BNP की जीत से खुश नहीं हूं, बल्कि इसलिए खुश हूं कि क्योंकि इस्लामी-जिहादी-आतंकवादी समूह हार गया.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बांग्लादेश में हुए सफल और शांतिपूर्ण चुनाव की तारीफ करते हुए कहा कि चुनाव ठीक तरह से हुए और BNP को बहुमत मिला है। उन्होंने कहा कि चीन, बांग्लादेश के घरेलू राजनीतिक फैसलों का समर्थन करता है और ढाका के साथ मिलकर चीन-बांग्लादेश रणनीतिक सहयोग साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तैयार है।
BNP ने बधाई देने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद कहा. BNP के चुनाव प्रबंधन कमिटी के चेयरमैन नजरुल इस्लाम खान ने कहा, “हम भी मोदी जी का धन्यवाद देते हैं। हमारा मानना है कि तारिक रहमान के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्ते और लोगों के बीच का बंधन और मजबूत होगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के नेता तारिक रहमान से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश चुनाव में मिली उल्लेखनीय जीत पर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों के लिए भारत का समर्थन रहेगा। बातचीत के दौरान दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र किया गया। भारत ने क्षेत्र में शांति, विकास और समृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम ने दोनों देशों के लोगों के साझा हितों को मजबूत करने पर जोर दिया।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “बांग्लादेश में चुनाव हो चुके हैं… बांग्लादेश में निर्वाचित सरकार बने और बांग्लादेश के साथ भारत के रिश्ते और मज़बूत हों क्योंकि यह हमारा पड़ोसी है, हमारी एक ही बोली और भाषा है और पड़ोसी देश के साथ रिश्ते अच्छे होने चाहिए। इसके लिए, जो भी सरकार बने, हम दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते और दोस्ती चाहते हैं… बांग्लादेश की नई सरकार को यह पक्का करना चाहिए कि बांग्लादेश के हिंदू अल्पसंख्यकों पर कोई ज़ुल्म या हिंसा न हो। मुझे उम्मीद है कि बांग्लादेश के साथ चल रहा तनाव खत्म होगा।”
शेख हसीना की आवामी लीग चुनाव नहीं लड़ पाई, लेकिन उसकी पुरानी सहयोगी जातीय पार्टी (JP) ने बांग्लादेश चुनाव लड़ा और वह एक भी सीट नहीं जीत पाई। यह पार्टी के इतिहास की सबसे शर्मनाक हार है. 196 सीटों पर पार्टी ने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक सीट नहीं मिली।
पार्टी चेयरमैन GM कादर 37,933 वोट पाकर रंगपुर-3 सीट हार गए। यह सीट जमात के सपोर्ट वाले कैंडिडेट Md महबूबुर रहमान बेलाल ने 1,57,403 वोटों के साथ जीती, जबकि BNP के शमसुज्जमां सामू 74,171 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ढाका, बारिसल और तंगेल जैसे सभी बड़े जिलों में जीत हासिल की है. पार्टी ने तंगेल की 8 में से 7 सीटें और ढाका के सभी 5 जिलों की सीटें मिली हैं.
बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव जीतने और बांग्लादेश का प्रधानमंत्री बनने के लिए तारिक रहमान को भारतीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बधाई दी है। खड़गे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि इंडियन नेशनल कांग्रेस की तरफ से मैं मिस्टर तारिक रहमान और BNP को बांग्लादेश में पार्लियामेंट्री चुनाव जीतने पर बधाई देता हूं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तारिक रहमान को बांग्लादेश का चुनाव जीतने पर बधाई दी है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को शानदार जीत दिलाने के लिए बधाई दी. संसदीय चुनाव के सफल आयोजन पर बधाई दी है. उन्होंने बांग्लादेश के साथ रिश्तों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का उत्सुकता जताई।
बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत के लिए तारिक रहमान और BNP को अमेरिका ने भी बधाई दी है। बांग्लादेश में अमेरिका के राजदूत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बांग्लादेश के लोगों को सफल चुनाव के लिए और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और तारिक रहमान को आपकी ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई. यूनाइटेड स्टेट्स आपके साथ मिलकर दोनों देशों की खुशहाली और सुरक्षा के साझा लक्ष्यों को पूरा करने के लिए काम करने का इंतजार कर रहा है।
भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश चुनाव परिणाम आने के बाद तारीक रहमान को बधाई दी है। उन्होंने अपने X हैंडल पर लिखा कि मैं श्री तारीक रहमान को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को संसदीय चुनावों में निर्णायक जीत दिलाने पर हार्दिक बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश की जनता के आपके नेतृत्व पर विश्वास को दर्शाती है। भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। मैं हमारे बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने तथा साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने को लेकर उत्सुक हूं।
बांग्लादेश चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी और उनके सहयोगी दलों के गठबंधन को दो तिहाई बहुमत मिला है। उनकी पार्टी 299 में से 209 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। रातभर वोटों की गिनती चली और अब बहुमत हासिल करने के तुरंत पार्टी ने लोगों को धन्यवाद दिया।
भारत में निर्वासन की जिंदगी जी रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश चुनाव को खारिज किया है। उनके अनुसार ये चुनाव ‘गैरकानूनी’ है क्योंकि उन्हें अपदस्थ कर मोहम्मद युनूस ने सत्ता हथिया ली थी। शेख हसीना ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बांग्लादेश के आम चुनाव में जीत हासिल कर ली है। पार्टी ने 300 सदस्यीय संसद में साधारण बहुमत प्राप्त कर अपने लिए सरकार के गठन का रास्ता साफ कर लिया है। BNP को 151 सीटें मिलीं, जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक सीमा के पार है। कर गई। मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी सिर्फ 42 सीटें ही जीत सकी।
मतदान प्रतिशत करीब 60% रहा जो पिछले चुनाव से काफी ऊंचा है। बीएनपी नेता और प्रधानमंत्री पद के दावेदार तारिक रहमान ने गरीब परिवारों के लिए वित्तीय सहायता, प्रधानमंत्री के कार्यकाल पर सीमा, विदेशी निवेश बढ़ावा और भ्रष्टाचार विरोधी उपायों जैसे वादों पर प्रचार किया और खुद और अपनी पार्टी को जिताया।
बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में छात्रों के नेतृत्व वाली National Citizen Party (NCP) को करारा झटका लगा है, क्योंकि पार्टी 30 में से सिर्फ 5 सीटें जीत पाएगी। पिछले साल विरोध प्रदर्शनों के बाद यह पार्टी बनी थी और खुद को नेशनल पॉलिटिक्स का हिस्सा बनाकर चुनाव लड़ा था। चुनाव से पहले हुए सर्वे में ही संकेत मिल गए थे कि सड़कों पर मिली लोकप्रियता को वोट में बदलना मुश्किल होगा. बाद में NCP ने जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन किया।
बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय चुनाव में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) को भारी जीत मिलने की प्रबल संभावना है। कल शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण माहौल में लाखों मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह जानकारी बांग्लादेश के डेली स्टार अखबार ने दी है। अनौपचारिक परिणामों और पार्टी की अपनी गणनाओं के अनुसार, आज सुबह 3:30 बजे तक, बीएनपी और उसके सहयोगी दल 170 निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रहे थे।
Bangladesh Election Results 2026 Updates: बांग्लादेश में आम चुनाव के परिणाम आज घोषित हुए और अब 13वीं संसद का गठन होगा। मतगणना के बाद घोषित परिणामों के अनुसार खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बहुमत हासिल किया है। वहीं तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
हिंसा के बीच 55 प्रतिशत से ज्यादा मतदान
बीते दिन 12 फरवरी को बांग्लादेश में छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बीच 55 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ था। आज दोपहर तक चुनाव परिणाम क्लीयर हो जाएंगे। फिर अंतरिम सरकार 3-4 दिन के अंदर नई सरकार को सारा कामकाज सौंप देगी। 17 या 18 फरवरी तक यह काम हो सकता है। इस बीच देश के नए प्रधानमंत्री और उनके मंत्री शपथ ग्रहण कर सकते हैं।
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अगस्त 2024 में हुआ था सरकार का पतन
अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के कारण शेख हसीना की सरकार का पतन हो गया था। इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनूस को अंतरिम सरकार का प्रमुख सलाहकार बनाकर देश की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्हीं की देख-रेख में आम चुनाव हुए। लोगों ने जातीय संसद के साथ-साथ संविधान में प्रस्तावित बदलावों के लिए बने चार्टर के लिए भी मतदान किया।
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