बांग्लादेश में एक बार फिर हिंदुओं को निशाना बनाया गया है. रंगपुर शहर में शनिवार देर रात एक रिटायर्ड स्कूल टीचर, उनकी पत्नी, बेटी और 12 साल के बेटे की लाश उनके घर में बंद मिली. पुलिस को शक है कि सभी को गला घोंटकर मौत के घाट उतारा गया है. मृतकों की पहचान रंगपुर जिला स्कूल के रिटायर्ड मैथ्स टीचर गणपति चक्रवती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, बेटी आगामी चक्रवर्ती और बेटे प्रियम चक्रवर्ती के तौर पर हुई है.
ये भी पढ़ें: कौन हैं मिर्जा फखरुल इस्लाम, जो होंगे बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति? इनकी पत्नी का है ‘कोलकाता कनेक्शन’
---विज्ञापन---
क्या है मामला?
दे डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, रंगपुर मेट्रोपॉलिटन CID के इंचार्ज सुबीर चौधरी ने जानकारी दी कि मां और बेटी के शव सीढ़ियों पर मिले, जबकि गणपति की बॉडी छत से बरामद की गई और उनके बेटे का शव बिस्तर के नीचे मिला. पुलिस, CID और डिटेक्टिव ब्रांच की टीमें मिलकर इस मामले की जांच कर रही है. रिश्तेदारों ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों के फोन गुरुवार रात से ही बंद थे. प्रीतिलता की छोटी बहन पूजा चक्रवर्ती ने 'डेली स्टार' को जानकारी दी है कि उन्होंने अपनी बहन से आखिरी बार दोपहर को बात की थी. जब काफी दिनों तक फोन पर संपर्क नहीं हो पाया, तो रिश्तेदार शनिवार रात उनके घर पहुंचे. मेन गेट पर ताला लगा था और घर के अंदर की लाइटें बंद थीं.
जांच में जुटी पुलिस
रिश्तेदारों ने बिना देरी किए, पुलिस को इस बात की जानकारी दी. पुलिस ने वहां पहुंचकर ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए तो चारों के शव बरामद हुए. मृतिका की बहन पूजा ने बताया कि उनके परिवार ने हाल ही में इस इलाके में घर बनवाया था. गणपति 31 दिसंबर 2025 को रंगपुर जिला स्कूल से रिटायर हुए थे. उनकी बेटी ने साल 2026 में रंगपुर के ही एक कॉलेज से इंग्लिश में मास्टर्स की डिग्री पूरी की और बेटा 5वीं क्लास का स्टूडेंट था. जानकारी के मुताबिक, रिटायरमेंट के बाद से गणपति बतौर होम्योपैथिक डॉक्टर काम कर रहे थे. जांच में उनसे किसी की दुश्मनी का एंगल सामने नहीं आया है. फिलहाल, पुलिस हर एंगल से इस मामले की तफ्तीश कर रही है.
---विज्ञापन---
ये भी पढ़ें: Explainer: बांग्लादेश में कैसे होते हैं चुनाव और कैसे चुने जाते हैं राष्ट्रपति, भारत से कितनी अलग है मतदान प्रक्रिया?
---विज्ञापन---