Anita Anand to Contest PM Elections in Canada: जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के बाद सभी की नजर कनाडा के अगले प्रधानमंत्री पर है। कनाडा की बागडोर अब कौन संभालेगा? इसका फैसला आगामी चुनाव में होगा। हालांकि चुनाव से पहले पीएम पद के लिए कई लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। वहीं भारतीय मूल की अनीता आनंद ने भी अपना मन बदल लिया है।
अनीता का बदला मन
दरअसल अनीता आनंद ने पहले जस्टिन ट्रूडो की जगह लेने से साफ इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि वो प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल नहीं हैं। मगर अब खबरों की मानें तो अनीता आनंद ने अपना मन बदल लिया है और वो पीएम पद का चेहरा बनने के लिए तैयार हैं।
कल हो सकता है ऐलान
सीबीसी न्यूज के अनुसार कनाडा की परिवहन मंत्री अनीता आनंद भी प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल हो सकती हैं। जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी अनीता आनंद को अपना पीएम कैंडिडेट घोषित कर सकती है। खबरों की मानें तो कल यानी शुक्रवार को ओंटारियो में इसकी औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
कौन हैं अनीता आनंद?
अनीता आनंद का जन्म 20 मई 1967 को कनाडा के केंटविले में हुआ था। उनकी मां पंजाब से ताल्लुक रखती हैं, जो पेशे से एनास्तेसियोलॉजिस्ट थीं। उनके पिता एस.वी.आनंद दक्षिण भारत हैं और वो भी पेशे से डॉक्टर हैं। अनीता के माता-पिता 1960 में कनाडा शिफ्ट हो गए थे। अनीता ने अपने करियर की शुरुआत वकील और प्रोफेसर के तौर पर की थी। 2019 में उन्होंने राजनीति में एंट्री की। ट्रूडो सरकार में उन्हें परिवहन मंत्री और आंतरिक व्यापार मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
2019 में पहली बार जीता था चुनाव
बता दें कि भारतीय मूल की अनीता आनंद की मां पंजाब और पिता तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं। 2019 में वो पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर कनाडा की संसद सदस्य बनी थीं। 2021 में उन्होंने फिर से ओकविले सीट से जीत हासिल की।
कनाडा कैबिनेट की पहली हिन्दू महिला
बता दें कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 6 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में लिबरल पार्टी की बागडोर कौन संभालेगा? इसका फैसला 9 मार्च को हो जाएगा। अनीता आनंद की बात करें तो कनाडा कैबिनेट का हिस्सा बनने वाली वो पहली हिन्दू महिला हैं।
अनीता ने लिया था नाम वापस
जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के बाद जब पीएम पद के दावेदारों में अनीता आनंद का नाम सामने आया तो 11 जनवरी को अनीता ने खुद इस रेस में शामिल होने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मैं जस्टिन ट्रूडो की जगह नहीं लूंगी। मैं पब्लिक ऑफिस होल्डर बनकर खुश हूं।