मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा दावा किया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका को एक 'बहुत बड़ा गिफ्ट' भेजा है, जिसकी कीमत अरबों में है. हालांकि उन्होंने इस तोहफे का पूरा खुलासा तो नहीं किया. लेकिन इतना जरूर साफ कर दिया कि यह परमाणु से नहीं, बल्कि तेल और गैस से जुड़ा है. ट्रंप के मुताबिक यह गिफ्ट 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' से संबंधित है, जो दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग माना जाता है. राष्ट्रपति का मानना है कि ईरान अब युद्ध से थक चुका है और समझदारी दिखाते हुए बड़े समझौते की ओर कदम बढ़ा रहा है.

ट्रंप बोले- 'ईरान मान गया है'

पिछले कुछ महीनों से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जारी नाकाबंदी ने पूरी दुनिया के तेल बाजार में हाहाकार मचा रखा था. हजारों जहाज समुद्र में फंसे थे और तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं. ऐसे में ट्रंप का यह बयान कि 'ईरान डील करना चाहता है', वैश्विक बाजार के लिए राहत भरी खबर हो सकती है. ट्रंप ने दावा किया कि उनकी टीम के बड़े नेता जेडी वेंस और मार्को रुबियो तेहरान के सही लोगों के संपर्क में हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि ट्रंप के अनुसार ईरान ने मान लिया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. ट्रंप ने आत्मविश्वास से लबरेज होकर कहा कि अमेरिका यह जंग लगभग जीत चुका है और अब बस औपचारिकताओं का इंतजार है.

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तेहरान के ऊपर खुलेआम घूम रहे हैं विमान

राष्ट्रपति ट्रंप ने केवल समझौते की ही बात नहीं की, बल्कि ईरान की सत्ता में बड़े बदलाव के संकेत भी दिए. उन्होंने कहा कि ईरान में अब नए नेतृत्व की स्थिति बन रही है, जिसे एक तरह से 'रेजीम चेंज' भी कहा जा सकता है. क्योंकि पुराने नेता अब प्रभावी नहीं रहे. ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि अमेरिकी वायुसेना तेहरान के आसमान में खुलेआम घूम रही है और ईरान के पास अब अमेरिका को रोकने के लिए ज्यादा एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम या मिसाइलें नहीं बची हैं. उन्होंने खुलासा किया कि अमेरिका ने एक बड़े ईरानी पावर प्लांट को उड़ाने की पूरी योजना बना ली थी, लेकिन बातचीत की गुंजाइश देखते हुए आखिरी वक्त पर उसे रोक दिया गया.

क्या थम जाएगी मिडिल ईस्ट की आग?

अपनी इस कूटनीतिक जीत का श्रेय ट्रंप ने सऊदी अरब. यूएई और कतर जैसे मित्र देशों को भी दिया. उन्होंने कहा कि इन देशों ने ईरान के मुद्दे पर अमेरिका का भरपूर सहयोग किया है. ट्रंप के मुताबिक रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ इस बात से थोड़े हैरान थे कि यह पूरा मामला इतनी तेजी से कैसे सुलझ गया. हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से ट्रंप के इन बड़े दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन अगर ट्रंप की बातें सच साबित होती हैं, तो यह न केवल अमेरिका के लिए बड़ी जीत होगी. बल्कि पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट और संभावित महायुद्ध के खतरे से भी निजात मिल जाएगी. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह 'कीमती गिफ्ट' वाकई शांति का पैगाम लाएगा.