ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण तनाव अब बढ़ता जा रहा है. इस बीच OPEC+ देशों ने तेल उत्पादन बढ़ाने को लेकर एक बड़ा फैसला किया है. तेल उत्पादक देशों के इस समूह ने रविवार को तय किया कि उत्पादन को अनुमान से ज्यादा बढ़ाया जाएगा. OPEC+ के वॉलंटरी एट (V8) समूह जिसमें सऊदी अरब, रूस, कुवैत, ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े तेल उत्पादक देश शामिल हैं, जिन्होंने रोजाना 2.06 लाख बैरल (206,000 bpd) अतिरिक्त तेल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है. मिली जानकारी के अनुसार, OPEC+ का यह फैसला अप्रैल से लागू होगा.

हालांकि आधिकारिक बयान में ईरान संघर्ष का जिक्र नहीं किया गया, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिर स्थिति और मजबूत बाजार मांग को वजह बताया गया. इससे पहले विशेषज्ञ सिर्फ 1.37 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन बढ़ने का अनुमान लगा रहे थे.

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बढ़ सकती हैं तेल की कीमतें

रिस्टैड एनर्जी के विश्लेषक जॉर्ज लियोन का कहना है कि उत्पादन बढ़ोतरी इतनी बड़ी नहीं है कि युद्ध के कारण तेल कीमतों में संभावित उछाल को रोक सके. सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है, जहां से दुनिया की करीब एक-चौथाई समुद्री तेल सप्लाई गुजरती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जहाजों को चेतावनी दी है कि यह रास्ता बंद किया जा सकता है. ईरानी सरकारी टीवी ने दावा किया कि इस जलमार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे एक तेल टैंकर पर हमला हुआ और वह डूबने लगा.

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विशेषज्ञों का कहना है कि अगर होर्मुज से तल सप्लाई रुकती है तो उत्पादन बढ़ाने का असर बहुत कम रह जाएगा, क्योंकि इस समय सबसे बड़ा जोखिम सप्लाई और ट्रांसपोर्ट है.