अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब अमेरिका ही असली संयुक्त राष्ट्र है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पहले भी 7 युद्ध रुकवा चुका है और अब वो 8वां युद्ध खत्म करवाने जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ग्लोबल वॉर को रुकवाने में यूएन की कोई खास भूमिका नहीं रही है. ऐसे में ये सवाल उठता है कि यूएन किस तरीके से जंग को रुकवा सकता है, आइए सबसे पहले समझते हैं कि यूएन आखिर क्या है?
ये भी पढ़ें: 20 शर्तों पर 95% सहमति, सुरक्षा गारंटी पर भी बनी बात, जानें ट्रंप और जेलेंस्की के बीच क्या हुई बात?
संयुक्त राष्ट्र क्या है?
UN (संयुक्त राष्ट्र) एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 1945 में दूसरे वर्ल्ड वॉर के बाद विश्व शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए की गई थी. ये दुनिया के 193 सदस्य देशों का एक मंच है, जहां वो ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा करते हैं और मिलकर समाधान निकालते हैं. यूएन का लक्ष्य देशों के बीच मित्रता बनाए रखना, सामाजिक विकास और ह्यूमन राइट्स को बढ़ावा देना है. यूएन युद्ध विराम की निगरानी, नागरिकों की सुरक्षा और शांति समझौतों का समर्थन करता है. ये शरणार्थियों के लिए खाना, दवाई और राहत सामग्री भी मुहैया करवाता है.
युद्ध रुकवाने में कितना सक्षम है यूएन?
संयुक्त राष्ट्र युद्ध को रोकने के लिए सैन्य हस्तक्षेप की इजाजत दे सकता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया काफी मुश्किल होगी. इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की मंजूरी भी जरूरी होती है. संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्टर VII के मुताबिक अगर युद्ध रोकने का कोई आसान तरीका नहीं निकलता है और उससे इंटरनेशनल सिक्योरिटी और शांति पर खतरा मंडरा रहा है, तो UNSC मिलिट्री फोर्स का इस्तेमाल करने का फैसला कर सकता है. यूएन के पास अपनी कोई स्थायी सेना नहीं है इसीलिए अगर वो युद्ध रुकवाने के लिए सेना भेजता है तो इसमें सदस्य देश अपनी इच्छा से मदद कर सकते हैं.
वीटो पावर का क्या है रोल?
बॉर्डर सिक्योरिटी काउंसिल के पांच स्थायी सदस्य हैं- अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम. इन सभी के पास वीटो पावर है. अगर इनमें से कोई भी देश मिलिट्री फोर्स हस्तक्षेप के खिलाफ अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल करता है, तो यूएन युद्ध रुकवाने के लिए सेना नहीं भेज पाएगा. भले ही संयुक्त राष्ट्र सैन्य हस्तक्षेप करने में सीमित है लेकिन बाकी तरीकों से शांति बनाए रखने में उसका खास रोल है.
ये भी पढ़ें: Trump Tariff: उल्टा पड़ा ट्रंप का टैरिफ दांव, हर सेक्टर में दिवालिया हुईं US की कंपनियां
संबंधित खबरें
नेपाल में 'जलप्रलय' ने फिर मचाई तबाही, नदी में सैलाब में बहे 40 घर और 6 पुल
43 mins agoमिसाइल गिरते ही कैसे जान बचाकर भागे जायरीन? रियाद एयरपोर्ट का आया VIDEO
2 hrs agoसूडान में सोने की खदान पर मिसाइलों से भयंकर हमला, 72 लोगों की मौत
2 hrs agoLIVE: राजस्थान में पूर्व विधायक की पीट-पीटकर हत्या, खनन को लेकर हुआ विवाद
4 hrs agoईरान का डोनाल्ड ट्रंप को झटका, होर्मुज खोलने को अमेरिका का जवाब किया खारिज
5 hrs agoजंग के बीच रूस-यूक्रेन एनर्जी सीजफायर पर राजी, ट्रंप का दावा- इसे तोड़ना मत
14 hrs agoजिबूती तट के पास नाव पलटी, 15 बच्चों समेत 109 लोगों की मौत, 116 लापता
17 hrs agoपाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में गिरी इमरान की PTI सरकार, इमरजेंसी लागू
19 hrs agoचीन के तियानमेन स्क्वायर पर आंदोलन को कैसे कुचला गया? 37 साल बाद खुला राज
23 hrs agoनेपाल में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा, बाढ़ की चेतावनी जारी
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines