अमेरिका के एरिजोना से एक ऐसा चमत्कारिक मामला सामने आया है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. करीब तीन दशक पहले महज 13 साल की उम्र में संदिग्ध हालात में गायब हुई क्रिस्टीना मैरी प्लांट अब 32 साल बाद जिंदा मिल गई हैं. गिला काउंटी शेरिफ ऑफिस ने बुधवार को इस बड़ी कामयाबी की जानकारी देते हुए बताया कि स्टार वैली इलाके से गायब हुई क्रिस्टीना का पता लगा लिया गया है. इस खबर ने उस रहस्यमयी केस में एक नया मोड़ ला दिया है जिसे अधिकारी सालों से सुलझाने की कोशिश कर रहे थे.
कैसे हुई इस चमत्कार की शुरुआत?
अधिकारियों ने अभी इस बात का खुलासा नहीं किया है कि क्रिस्टीना को कहां से और किस हाल में ढूंढा गया है, लेकिन उन्होंने तकनीक की भूमिका को अहम बताया है. जांचकर्ताओं के मुताबिक आधुनिक तकनीकी प्रगति की मदद से इस केस में कुछ नए सुराग मिले थे जिसने टीम को क्रिस्टीना तक पहुंचाया. 32 सालों तक यह केस फाइलों में दफन नहीं हुआ था बल्कि समय-समय पर सबूतों की दोबारा जांच की जाती रही. इस लंबे इंतजार के बाद क्रिस्टीना की पहचान की पुष्टि कर दी गई है जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने राहत की सांस ली है.
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उस दिन क्या हुआ था?
यह रहस्यमयी घटना मई 1994 की है जब नीली आंखों और सुनहरे बालों वाली क्रिस्टीना अपने घर के पास एक अस्तबल में अपने घोड़े को देखने गई थी. सफेद टी-शर्ट और रंगीन शॉर्ट्स पहने क्रिस्टीना वहां से अचानक गायब हो गई और उसका कोई सुराग नहीं मिला. उस समय जारी किए गए पोस्टर में उसे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता बताया गया था और अधिकारियों को उसकी जान का खतरा भी सता रहा था. स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय डेटाबेस तक क्रिस्टीना की तलाश की गई लेकिन दशकों तक कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी थी.
निजता का सम्मान और आगे की राह
क्रिस्टीना के मिलने के बाद अब पुलिस और प्रशासन काफी सावधानी बरत रहे हैं ताकि उनकी पहचान और सुरक्षा बनी रहे. अधिकारियों ने साफ कहा है कि क्रिस्टीना की निजता और उनके हितों का सम्मान करते हुए फिलहाल इस मामले की और ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी. यह मामला उन हजारों परिवारों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है जिनके अपने सालों से लापता हैं. दशकों पुराने इस केस का सुलझना यह साबित करता है कि अगर कोशिश जारी रहे और तकनीक का सही इस्तेमाल हो तो कोई भी केस कभी बंद नहीं होता.