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अमेरिका ने सीरिया से हटाए सभी प्रतिबंध, राष्ट्रपति ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया है। इस बार ट्रम्प ने एक मुस्लिम देश पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाया है।

डोनाल्ड ट्रंप सीरिया पर लगाए प्रतिबंध हटाने की घोषणा की है।
भारत-पाकिस्तान तनाव को खत्म कराने का दावा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बड़ा ऐलान किया है। इस बार ट्रम्प ने एक मुस्लिम देश पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाया है। बताया जा रहा है कि सऊदी प्रिंस सलमान की मध्यस्थता की वजह से बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रियाद में सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल सारा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रतिबंध हटाने का ऐलान किया।

25 वर्षों में यह पहली मुलाकात

ट्रम्प ने बुधवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के नेताओं के साथ बैठक में यह घोषणा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका सीरिया के खिलाफ सभी प्रतिबंध हटा देगा। ट्रंप ने सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा कि दमिश्क के साथ संबंधों को सामान्य बनाने पर विचार कर रहा है। दोनों देशों के नेताओं के बीच 25 वर्षों में यह पहली मुलाकात है।

33 मिनट तक चली बैठक

डोनाल्ड ट्रंप और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के बीच करीब 33 मिनट तक बैठक चली है। इस बैठक के बाद ट्रंप ने बताया कि उन्हें अल-शरा से मिलने के लिए सऊदी और तुर्की नेताओं ने प्रेरित किया है। साथ ही इस ट्रंप ने कहा कि सीरिया पर 2011 से लगे आर्थिक प्रतिबंध अब हटा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब सीरिया में अब एक नई सरकार है जो देश में शांति और स्थिरता ला सकती है।

क्यों लगे थे सीरिया पर प्रतिबंध

बताया जाता है कि राष्ट्रपति बसर अल-असद के शासन के दौरान सीरिया पर प्रतिबंध लगाए गए थे। इसका मकसद सीरिया की अथर्व्यवस्था पर दबाव बनाया जा सके। असद को सत्ता से दिसंबर 2024 में हटा दिया गया था। इसके बाद भी बाइडेन और ट्रंप दोनों सरकारों ने असद के हटने के बाद भी प्रतिबंध जारी रखे थे। इस दौरान ट्रंप ने अल-शरा की मंशा को पूरी तरह परखा। इसके बाद सऊदी और तुर्की नेताओं से बातचीत के बाद ट्रंप ने सीरिया से प्रतिबंध हटाया है।

अमेरिका के खिलाफ लड़े थे सीरिया के राष्ट्रपति

बता दें कि सीरिया के नए राष्ट्रपति अल-शरा पहले अबू मोहम्मद अल गोलानी के नाम से जाने जाते थे और अमेरिकी सेना के खिलाफ इराक से लड़ चुके हैं। उस दौरान अमेरिका ने उन पर 10 मिलियन का इनाम घोषित किया था। बताया जाता है कि इसके बाद अहमद अल-शरा ने नुसरा फ्रंट नामक संगठन बनाया, जिसे बाद में हयात तहरीर अल-शाम (HTS) में बदलकर उन्होंने अल कायदा से नाता तोड़ लिया।


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