ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार (जनाजा) का 6 दिवसीय कार्यक्रम 4 से 9 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है. बता दें कि उनका पार्थिव शरीर तेहरान, कोम, मशहद (ईरान) और नजफ-करबला (इराक) के प्रमुख धार्मिक स्थलों से गुजरेगा. 9 जुलाई को मशहद में उनका अंतिम संस्कार होगा.
13 देशों ने बनाई दूरी
इस बीच एक और गौर करने वाली बात सामने आई है. दरअसल, खामेनेई के अंतिम संस्कार में करीब 13 देशों ने हिस्सा नहीं लिया है. वहीं, इस मामले को लेकर ईरानी मीडिया का दावा है कि इसके पीछे अमेरिका की कूटनीतिक मुहिम थी और कई देशों पर समारोह में शामिल न होने और उससे दूरी बनाने को लेकर दबाव बनाया गया.
ईरानी मीडिया की एक रिपोर्ट में ये बताया गया है कि, अमेरिका ने कथित तौर पर ईरान के मरहूम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के जुलूस में शामिल होने से देशों को रोकने के लिए एक राजनयिक अभियान चलाया था, जिसके बाद 13 देशों ने तेहरान में होने वाले इस कार्यक्रम से अपनी भागीदारी वापस ले ली या कम कर दी.
ईरान के एक सूत्र का हवाला देते हुए, तेहरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी Tasnim ने बताया कि अंतिम संस्कार के जुलूस से एक हफ्ते पहले, वॉशिंगटन ने कथित तौर पर एक राजनयिक अभियान शुरू किया था. इसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो और दुनिया भर में अमेरिकी राजदूत शामिल थे, इसका मकसद इस कार्यक्रम में विदेशी भागीदारी को रोकना था.
अमेरिका ने दी दूसरे देशों को धमकियां
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़ी Tasnim ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका के कैंपेन में विकास कार्यों के लिए दी जाने वाली मदद में कटौती करने और वॉशिंगटन के साथ द्विपक्षी संबंधों को नुकसान पहुंचाने की धमकियां शामिल थीं. ये धमकियां उन देशों के लिए थीं, जो मध्य तेहरान में इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला में खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने आने वाले थे.
रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 26 जून को एक निर्देश भी जारी किया था. इसमें अमेरिकी दूतावासों और राजनयिक मिशनों से कहा गया कि वे संबंधित देशों की सरकारों को बताएं कि अंतिम संस्कार में शामिल होने को ‘दोस्ताना न होने वाला कदम’ माना जाएगा और इसके कारण उनके वॉशिंगटन के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है.
वहीं, रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया कि अफ्रीका में अमेरिकी राजदूतों ने सरकारों को चेतावनी दी और कहा कि समारोह में शामिल होने पर अमेरिकी की ओर से दी जाने वाली विकास सहायता और मदद भी खतरे में पड़ सकती है.
कौन-कौन से देश नहीं हुए शामिल?
Tasnim की रिपोर्ट में ये बताया गया है कि कम से कम 13 देशों ने तेहरान में होने वाले अंतिम संस्कार से या तो अपने कदम पीछे खींच लिए या अपनी भागीदारी रद्द कर दी. इनमें पूर्वी यूरोप के तीन देश, अफ्रीका के पांच देश, फारस की खाड़ी के दो अरब देश और पूर्वी एशिया के दो प्रमुख देश शामिल हैं.
संबंधित खबरें
'मुझे मार डालो', पकड़े जाने के बाद घुटनों के बल बैठकर क्यों चीखा ओमानी पायलट?
48 mins agoफ्रांस में उग्र हुआ छात्रों का आंदोलन, Gen-Z का गुस्सा देख PM लेकोर्नू ने मंत्रियों संग की आपात बैठक
1 hr ago9 महीने पहले भर्ती… इस्लामी कट्टरपंथ वाली विचारधारा, फ्लाईदुबई के ओमानी पायलट को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
4 hrs agoसर और पैर पर गहरे जख्म के बावजूद पायलट स्मित मच्छार ने बचाई 174 लोगों की जान, फ्लाईदुबई के यात्री ने बताया आंखों देखा हाल
7 hrs ago'Flydubai घटना कहीं आतंकी साजिश तो नहीं', UAE का पहला बयान, भारत ने भी शुरू की जांच
7 hrs agoकैप्टन स्मित मच्छार कैसे बने पायलट? किया था टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कोर्स, एक सेमिनार ने बदली जिंदगी
9 hrs agoकौन हैं फ्लाईदुबई फ्लाइट के वो 4 'हीरो', जिन्होंने प्लेन क्रैश की कोशिश को किया नाकाम, पायलट की बचाई जान
10 hrs agoPlane Hijack: क्या होता है प्लेन हाईजैक अलर्ट कोड? फ्लाइट में इमरजेंसी का पता चलते ही ग्राउंड पर क्या लिया जाता एक्शन
12 hrs agoFlyDubai विमान में पायलट के हाथ में कहां से आया चाकू? जानें 'इन फ्लाइट' हथियारों की पूरी सच्चाई
13 hrs ago'ISIS पर जीत निर्णायक', 23 साल बाद अमेरिकी सेना की आखिरी टुकड़ी ने छोड़ा ईराक, डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐलान
15 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines