अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. गुरुवार को तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी हवाई हमलों के जवाब में सीमा पार हमले शुरू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी. तालिबानी रक्षा मंत्रालय ने इसे अफगान संप्रभुता के उल्लंघन का 'करारा जवाब' बताया. 22 फरवरी को नंगरहार और पक्तिया प्रांतों में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक से दर्जनों नागरिक मारे गए थे, जिनमें महिलाएं-बच्चे शामिल थे. चार दिन बाद, 26 फरवरी को अफगानिस्तान ने पलटवार शुरू किया. तालिबान ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया है, साथ ही कई पाकिस्तानी सैनिकों को भी कब्जे में लिया है.

पाकिस्तान ने किया मासूमों का कत्लेआम?


पूर्वी सैन्य कोर के बयान के अनुसार, गुरुवार रात से पाकिस्तानी इलाकों पर भारी गोलाबारी जारी है. सऊदी मीडिया अल-अरबिया और टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी इसकी पुष्टि की है. अफगान पक्ष का कहना है कि यह पाकिस्तानी हमलों का सीधा प्रतिकार है, जहां कोई आतंकी नहीं, बल्कि मासूम जिंदगियां गईं. पाकिस्तान ने रविवार को 70 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया था, लेकिन अफगानिस्तान ने इसे झूठा बताते हुए सिविलियन हताहतों का हवाला दिया.

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पाकिस्तान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं


डूरंड लाइन पर यह झड़पें रातभर चलीं, सरहदी इलाकों में दहशत फैल गई. पाकिस्तान की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-मोटी गोलीबारी से आगे बढ़कर हवाई हमले और गोलाबारी तक पहुंचना नया मोड़ है. वर्तमान में पाकिस्तान आर्थिक संकट और आंतरिक अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में अफगानिस्तान से नया मोर्चा खतरनाक साबित हो सकता है.

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पिछले वर्षों में भी सीमा विवाद हुए, लेकिन तालिबान के सत्ता में आने के बाद तनाव बढ़ा. अफगान सेना ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जो बदले की आग में तब्दील हो चुकी है.