पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज सुबह भयानक हादसा हुआ. इस्लामाबाद के मशहूर पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) अस्पताल के गायनेकोलॉजी वार्ड में आग लग गई थी. आग वार्ड में लगे एयर-कंडीशनर (AC) का कंप्रेसर फटने से लगी थी, जिसमें झुलसने और दम घुटने से वार्ड में भर्ती 15 नवजात बच्चों की मौत हुई गई. वहीं वार्ड का स्टाफ सिर्फए का नवजात को बचा पाया. हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन एक बार तो आग लगने की खबर फैलते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया था. पुलिस और जिला प्रशासन के हाथ-पैर भी फूल गए थे.
हादसे की जांच के आदेश जारी, जानें कौन करेगा?
बता दें कि शहबाज शरीफ सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं. इस्लामाबाद जिला प्रशासन ने अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का ऐलान किया है, जो हादसा होने के सही कारणों का पता लगाएगी. बता दें कि करीब 140 एकड़ में फैला PIMS इस्लामाबाद का सबसे बड़ा अस्पताल है. इसमें 1300 बेड हैं और इसके अंदर लोगों को 27 से ज्यादा बीमारियों का इलाज मिलता है. PIMS में देशभर में मेडिकल सेंटर भी खुले हुए हैं. इनमें इस्लामाबाद अस्पताल, चिल्ड्रन्स अस्पताल, मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर, बर्न केयर सेंटर और कार्डियक सेंटर शामिल हैं.
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आवेरहीट के कारण कंप्रेसर फेल होकर फट सकता
बता दें कि PIMS अस्पताल के चिल्ड्रन्स वार्ड में नवजात बच्चों का इलाज होता है और NICU की सुविधा भी दी जाती है. वहीं मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर में गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के रुकने की व्यवस्था है. अस्पताल की फायर सेफ्टी और नवजातों की सुरक्षा व्यवस्था पर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. जबकि एसी का कंप्रेसर फटने का कारण उसका ओवरहीट होना हो सकता है, जिस वजह से दबाव बढ़ने पर कंप्रेसर फेल होकर फट गया. खराब वायरिंग, ढीले कनेक्शन या ओवरलोडेड सॉकेट कारण बिजली का लोड बढ़ने की वजह से शॉर्ट सर्किट हो सकता है.
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