अमेरिका में 9 सितंबर 2011 को हुए आतंकी हमले को लेकर 25 साल बाद नया खुलासा हुआ है. BBC की जांच में ओमर अल-बायूमी का एक वीडियो मिला है, जिसमें वह अलकायदा के नेता अनवर अल-अवलाकी के साथ पेंटबॉल खेलते और बातचीत करते हुए नजर आया. सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय से जुड़ा अधिकारी भी दोनों के साथ वीडियो में दिखा. इस वीडियो को पहले कभी पब्लिक नहीं किया गया था, लेकिन अब इसे प्रसारित किया गया हैं. साथ ही बताया गया है कि अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के पास बायूमी के खिलाफ सबूत थे, बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की गई.
बायूमी और सऊदी अरब का हमले में हाथ होने से इनकार
BBC के अनुसार, आतंकी हमले के बाद बायूमी के खिलाफ FBI जांच भी कर रही थी, क्योंकि बायूमी पर 2 आतंकियों की मदद करने का आरोप था. जबकि बायूमी ने खुद को चरमपंथी या सऊदी अबर का जासूस होने से साफ इनकार किया. सऊदी अरब ने भी आतंकी हमले में सरकार, सेना या अधिकारियों का कोई हाथ होने से इनकार किया है. बायूमी के बारे में पता चला है कि वह 1994 में अंग्रेजी सीखने का दावा करके सऊदी अरब से सैन डिएगो अमेरिका पहुंचा था, लेकिन खुलासा हुआ कि अंग्रेजी सीखने की बजाय उसने धार्मिक कार्यक्रमों में ज्यादा हिस्सा लिया. वहीं पेंटबॉल खेलने का वीडियो 1997 या 1998 का है.
जिहाद की ट्रेनिंग के लिए पेंटबॉल सेशन होते थे इस्तेमाल
1997 या 1998 में बायूमी, सऊदी नेता अवलाकी और कुछ अन्य लोग पेंटबॉल खेलते दिखे थे. इनके साथ उस समय जो लोग थे, उन्होंने आर्मी वाली ड्रेस पहनी हुई थी. पेंटबॉल खेलते समय कुछ लोगों ने धार्मिक नारे भी लगाए थे. FBI की जांच में पता चला था कि पेंटबॉल खेलने वाले सेशन का इस्तेमाल जिहाद की ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता था. अवलाकी भी अलकायदा से जुड़े लोगों के संपर्क में थे, यह इनपुट भी FBI को मिला था. एक और वीडियो जनवरी 1998 में FBI को मिला था, जिसमें बायूमी और अवलाकी एक-दूसरे को गले लगाते नजर आए थे. बायूमी के सऊदी अरब के अधिकारियों और धार्मिक लोगों से संबंध भी थे.
बायूमी के नाम अमेरिका में एक अपार्टमेंट किराये पर था
BBC की जांच के अनुसार, FBI ने अलकायदा से संबंधों को लेकर सऊदी अरब के अधिकारियों से पूछताछ करने की कोशिश भी की थी, लेकिन उन्हें सवाल जवाब करने की परमिशन नहीं मिली. वहीं बायूमी शक के दायरे में इसलिए भी था, क्योंकि एक अपार्टमेंट को किराए पर लेने के लिए किए गए समझौते में उसका नाम था. नवाफ अल-हाजमी और खालिद अल-मिहधर के बीच यह समझौता हुआ था. दोनों 9/11 आतंकी हमले के 19 किडनैपरों की सूची में थे और पेंटागन पर हुए आतंकी हमले में हिस्सा लिया था. 9/11 आतंकी हमले के बाद बायूमी बर्मिंघम भाग गया, जहां 21 सितंबर 2001 को उसे गिरफ्तार किया.
बायूमी के घर से बरामद हुआ था एक प्लेन का स्केच
बायूमी की गिरफ्तारी के बाद उसके ठिकानों की तलाशी ली गई थी, जहां से हजारों दस्तावेज, तस्वीरें और करीब 80 वीडियो टेप बरामद हुए थे. नोटबुक का एक पेज भी मिला था, जिस पर प्लेन का स्केच बना था. प्लेन की ऊंचाई और कुछ अन्य डिटेल भी लिखे थे. स्केच की कॉपी लंदन में FBI के अधिकारियों को भी दी गई थी. लेकिन FBI ने आतंकी हमले की जांच कर रही टीम को यह सबूत नहीं दिया था. अधिकारियों ने इस सबूत को हासिल करने की कोशिश भी की थी, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके थे. अगर बायूमी से बरामद सबूत समय पर मिल जांच टीम को मिल जाते तो जांचकर्ता कड़ियों को जल्दी जोड़ सकते थे.
बता दें कि 11 सितंबर 2001 को अमेरिका के ट्विन टॉवर्स पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 2976 लोगों की मौत हुई थी.
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