पाकिस्तान का गवर्नेंस सिस्टम बदहाल हो चुका है. 70 साल पुराना गवर्नेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो चुका है. देश का विकास करने में नाकाम साबित हुआ है. कोई माने या न माने, लेकिन यह सच है कि देश की शासन व्यवस्था का विध्वंस हो चुका है. यह कहना है देश के गृह मंत्री मोहसिन नकवी का, जिन्होंने आर्थिक और राजनीतिक बदहाली के बीच सरकार की ओर से बड़ा कबूलनामा भी किया. एक कार्यक्रम में मंच से अपने संबोधन में अपने ही देश की पोल खोल दी.
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10 साल बाद के हालातों की भविष्वाणी की
मोहसिन नकवी ने बेबाकी से अपने देश पाकिस्तान की राजनीतिक हकीकत का बखान किया. उन्होंने कहा कि देशवासी मानें या न मानें, लेकिन आज हम जिस व्यवस्था के अंदर सांस ले रहे हैं, वह पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है. अगर इसे समय रहते संभाला नहीं गया तो 10 साल बाद भी हम इसी हालत में होंगे. इससे बदतर हालत में हो सकते हैं. भूखमरी, कंगाली, राजनीतिक संकट, आर्थिक संकट, हिंसा, विद्रोह, महंगाई, बेरोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा-बहस कर रहे होंगे.
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मंत्री नकवी का बयान गहराते संकट का सबूत
मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तान के लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान सरकार आज भी 70 साल पुरानी व्यवस्था पर चल रही है, जबकि इस व्यवस्था के साथ देश आगे नहीं जा सकता. गृह मंत्री की स्पीच सुनते ही लोगों ने जमकर तालियां बजाईं, जबकि नकवी का कबूलनामा पाकिस्तान में गहराते प्रशासनिक, आर्थिक और राजनीतिक संकट का सबूत है. देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संभालने वाले मंत्री का यह बयान संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थाओं का सच है.
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कंगाली और भूखमरी की कगार पर पाकिस्तान
पाकिस्तान वर्तमान में कंगाली, भूखमरी, हिंसा, विद्रोह, राजनीतिक अशांति, आर्थिक संकट, भ्रष्ट कानून व्यवस्था, महंगाई और प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है. पाकिस्तान में महंगाई इतनी बढ़ गई है कि लोगों के पास 2 वक्त की रोटी खाने को नहीं है. वहीं शहबाज शरीफ सरकार को पुराना कर्ज चुकाने के लिए नया कर्ज लेना पड़ रहा है, यानी देश क विकास करने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं. दूसरी ओर, PoK में सरकार और सेना के खिलाफ विद्रोह की आग धधक रही है.
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