कोलंबिया के सुदूर अमेजन वर्षावनों से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए सैन्य विमान 'लॉकहीड मार्टिन हरक्यूलिस C-130' में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 66 हो गई है. इस विमान में कुल 110 सैनिक सवार थे. जो पेरू की सीमा के पास पुएर्तो लेगुज़ामो कस्बे के नजदीक एक बड़े हादसे का शिकार हो गए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक. उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान तकनीकी खराबी के चलते जमीन पर आ गिरा. राहत की बात बस इतनी रही कि मलबे से 50 से ज्यादा सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. जिनका इलाज नजदीकी सैन्य अस्पतालों में चल रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि क्रैश के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार मील दूर से देखा जा सकता था.
यह भी पढ़ें: जेवर एयरपोर्ट का भव्य आगाज, 28 मार्च को PM मोदी करेंगे उद्घाटन; शॉर्ट फिल्म के जरिए दुनिया देखेगी यूपी की उड़ान
---विज्ञापन---
ग्राउंड जीरो की हकीकत
हादसे वाली जगह रिहायशी इलाके से महज 3 किलोमीटर दूर थी. जिससे एक बड़ा नागरिक हादसा होते-होते टल गया. लेकिन 66 जवानों की शहादत ने पूरे कोलंबिया को झकझोर कर रख दिया है. मारे गए ज्यादातर जवान युवा थे. जो दुर्गम इलाकों में अपनी ड्यूटी के लिए जा रहे थे. स्थानीय मीडिया 'ब्लूराडियो' के अनुसार. रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि अमेजन का घना जंगल और खराब मौसम राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रहा है. हरक्यूलिस C-130 जैसे पुराने विमानों का इस्तेमाल अब कोलंबियाई सेना के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. यह विमान 1960 के दशक से कोलंबियाई बेड़े का हिस्सा रहे हैं. और बार-बार इनकी मरम्मत के बावजूद ये अब आधुनिक सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं.
---विज्ञापन---
राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का अल्टीमेटम
इस भयावह दुर्घटना के बाद कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का गुस्सा फूट पड़ा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों को निशाने पर लिया है. राष्ट्रपति पेट्रो ने इस हादसे को सैन्य बेड़े के आधुनिकीकरण में हो रही देरी का नतीजा बताया है. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि वह अब और देरी बर्दाश्त नहीं करेंगे. क्योंकि हमारे देश के युवाओं का जीवन दांव पर लगा है. पेट्रो ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर सैन्य या नागरिक अधिकारी इस चुनौती से निपटने और बेड़े को आधुनिक बनाने में सक्षम नहीं हैं. तो उन्हें तुरंत अपने पदों से हट जाना चाहिए. उनकी इस प्रतिक्रिया ने देश में रक्षा बजट और पुराने सैन्य साजो-सामान को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
पुराने होते विमान और सुरक्षा पर उठते सवाल
हरक्यूलिस C-130 विमान को पहली बार 1950 के दशक में पेश किया गया था. और तब से यह दुनिया भर की सेनाओं की रीढ़ बना हुआ है. हालांकि कई देशों ने इसे रिटायर कर दिया है या पूरी तरह अपग्रेड किया है. लेकिन कोलंबिया जैसे देशों में संसाधनों की कमी के कारण ये पुराने विमान आज भी उड़ रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अमेजन जैसे चुनौतीपूर्ण भूगोल में पुराने इंजनों के साथ उड़ान भरना किसी जोखिम से कम नहीं है. अब रक्षा मंत्रालय ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. यह देखा जाएगा कि क्या हादसे की वजह मानवीय भूल थी या फिर विमान का पुराना होना. फिलहाल पूरा देश शहीद जवानों को नमन कर रहा है और घायलों के जल्द ठीक होने की दुआ कर रहा है.