सीमा विवाद को लेकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान में एक बार फिर से संघर्ष शुरू हो गया है. बॉर्डर को लेकर विवाद उस समय सैन्य कार्रवाई में तब्दील हो गया, जब पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ कर्रवाई बताते हुए अफगानिस्तान के कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की. मुनीर सेना को जवाब देने के लिए गुरुवार रात तालिबान ने भी पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे दोनों देशों में युद्ध की स्थिति बन गई है.

पाकिस्तान ने किया युद्ध का ऐलान!


इस बीच शुक्रवार को पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि दोनों देश अब 'खुले युद्ध' की स्थिति में हैं. यह बयान गुरुवार रात अफगान तालिबान बलों द्वारा पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर किए गए हमलों के बाद आया, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल सहित अन्य प्रमुख शहरों पर हवाई हमले किए. इन हमलों में दोनों पक्षों ने भारी नुकसान होने का दावा किया है.

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पाकिस्तानी सेना का बड़ा दावा


पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने बताया कि गुरुवार रात से शुक्रवार तड़के तक चले अभियान में अफगानिस्तान के 22 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें करीब 274 तालिबानी लड़ाकों की मौत हुई. इसके अलावा, पाकिस्तान ने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष में उसके कम से कम 12 सैनिकों की जान गई है.

दूसरी ओर, तालिबान ने दावा किया कि उनके पलटवार में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई चौकियां उनके कब्जे में आ गईं. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि अफगान तालिबान सरकार की 'धैर्य की परीक्षा' अब समाप्त हो चुकी है, और पाकिस्तान अब किसी भी आक्रमण का कड़ा जवाब देगा.

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क्यों शुरू हुई लड़ाई?


पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे आतंकी समूहों को शरण दे रहा है, जो पाकिस्तानी क्षेत्र में हमलों के लिए जिम्मेदार हैं. हाल ही में, 21 फरवरी को पाकिस्तान ने नंगरहार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों में टीटीपी और आईएसआईएस-के कैंपों पर हवाई हमले किए थे, जिसे अफगानिस्तान ने आक्रमण करार दिया. इसके बाद 26 फरवरी को अफगान बलों ने पाकिस्तानी सीमा पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए, जिसका जवाब पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन राइटियस फ्यूरी' के तहत दिया.