UP And Baba Dham Kanwariya: सावन का महीना चल रहा है और कांवड़ यात्रा ने भी भक्तिमय माहौल बनाया हुआ है। कल 14 जुलाई को सावन का पहला सोमवार था, जिसके चलते देशभर में बाबा महादेव के जयकारे गूंजते रहे। कांवड़ यात्रा हर साल सुर्खियों में रहती है। इसके लिए जोर-शोरे से तैयारियां की जाती हैं। रूट डायवर्ट करके कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की जाती है। जगह-जगह उनके ठहरने के लिए इंतजाम किए जाते हैं। यूं तो कांवड़ यात्रा पर देशभर के लोग जाते हैं, लेकिन खासतौर पर 2 प्रकार के कांवड़ियों की चर्चा होती है।
होती है 2 प्रकार की कांवड़ यात्रा
एक उत्तर प्रदेश के कांवड़िये और दूसरे बाबा धाम के कांवड़िये। बाबा धाम यानी देवघर और झारखंड के कांवड़िये, जो उत्तर प्रदेश के कांवड़ियों से अलग होते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो 2 प्रकार की कावंड़ यात्रा होती है और दोनों ही सावन के महीने में होती हैं, लेकिन दोनों यात्राओं में काफी अंतर होता है। उत्तर प्रदेश और बाबा धाम के कांवड़ियों में मुख्य अंतर उनके तीर्थ स्थलों, परंपराओं और क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर देखने को मिलता है। आइए दोनों में अंतर जानने के लिए देखें News24 की ये स्पेशल रिपोर्ट...