दिल्ली में एसआईआर के बाद ड्राफ्ट लिस्ट आ चुकी है. लेकिन इसमें एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जिसमें दिल्ली के एक बूथ से 729 में से 728 वोटर डिलीट होने की बात सामने आई है. यह पूरा मामला दिल्ली की चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के बेला स्टेट इलाके का है. जहां एसआईआर से पहले एक पोलिंग बूथ पर 729 वोटर्स रजिस्टर थे. लेकिन इसके बाद जब ड्राफ्ट लिस्ट सामने आई तो इनमें से सिर्फ एक वोटर का नाम बचा है. बाकी 728 वोटर्स का नाम हटा दिया गया है. मामला सामने आने के बाद से ही लगातार सियासत जारी है और इस पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी सवाल खड़े किए.
पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिल्ली के एक ही पोलिंग बूथ से 729 में से 728 वोटर्स के नाम हट जाना एसआईआर का सिस्टर नेचर उजागर नहीं करता तो क्या है? पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की तरफ से इन वोटरों के नाम हटाने की वजह उनके घर को अनऑथोराइज्ड बताया गया. कांग्रेस नेता ने एसआईआर को गरीबों, प्रवासियों और वंचित लोगों के खिलाफ बताया और कहा कि जिन लोगों के पास पहले से ही बहुत कम अधिकार है अब उनसे वोट देने का अधिकार भी छीना जा रहा है.
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पवन खेड़ा ने कहा कि यह सिर्फ एक बूथ की घटना नहीं है बल्कि एसआईआर के प्रक्रिया को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में लोगों के वोट देने के अधिकार पर भी असर पड़ सकता है. पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर संज्ञान लेने की अपील की और साथ ही एसआईआर को रोकने की मांग की.
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