High Court order UP teachers: यूपी में 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती का मामला काफी लंबे समय से चल रहा था। 2018 में इसका विज्ञापन प्रकाशित हुआ था और 2019 में ये भर्ती हुई थी। जब भर्ती हुई और परिणाम सामने आए उस वक्त अभ्यर्थियों की तरफ से ये कहा गया कि इसमें अनारक्षित वर्ग के लोगों को लाभ दे दिया गया। आरक्षित वर्ग के जो एलिजिबल थे, उनको आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया।
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इससे पहले सिंगल बेंच का जो फैसला आया था, उसने सरकार की जो प्रक्रिया थी, उसको ठीक माना था, TET परीक्षा में आरक्षण का लाभ ऑलरेडी अभ्यर्थियों को मिल चुका था। इसके बाद जब मेन्स की परीक्षा हुई तो उसमें भी इस तरीके का आरोप लगा।
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जब कोर्ट की डबल बेंच में यह मामला आया तो उस वक्त कोर्ट का यह मत था कि करीब 18,000 से ज्यादा अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया है। अब 18 हजार के करीब शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। उनके भविष्य पर संकट मंडराने लगा है। कोर्ट ने कहा है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में इन लोगों को ना हटाया जाए। इससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। पूरा मामला समझने के लिए देखिए यह वीडियो -