Navgrah Upay

Video: कमजोर शनि और गुरु के कारण पूजा-पाठ में आती हैं परेशानियां! जानें ग्रहों को मजबूत करने के उपाय

Navgrah Upay: सनातन धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा करने से साधक को देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे उनके जीवन में सुख-शांति और खुशहाली का वास होता है। हालांकि कुंडली में कुछ ग्रहों की कमजोर स्थिति के कारण साधक का पूजा में मन नहीं लगता है। चलिए पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं उन ग्रहों के बारे में, जिनके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति का मन भटकता है।

Navgrah Upay: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर एक ग्रह का अपना विशेष महत्व होता है। सूर्य, बुध, चन्द्रमा, शुक्र, गुरु, मंगल, शनि, राहु और केतु की अपनी खासियत है। कुंडली में जब इनमें से कोई एक ग्रह की स्थिति भी कमजोर होती है, तो उसके कारण व्यक्ति को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में 9वें भाव का वक्री शनि में होता है, तो इससे उनके पूजा में परेशानियां खड़ी होती हैं। शनि के अलावा 9वें भाव का वक्री गुरु भी पूजा में रुकावटें पैदा करता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति का पूजा में मन नहीं लगता है। इसके अलावा व्यक्ति का पूरा जीवन गृहस्थ और संन्यास के बीच झूलता रहता है। वैवाहिक जीवन ठीक नहीं रहता है। पार्टनर के साथ बात-बात पर लड़ाई होने लगती है, जिसके कारण मानसिक तनाव भी रहता है।

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हालांकि कुछ उपायों को अपनाकर कुंडली में ग्रहों की स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। इससे नवग्रहों की स्थिति तो मजबूत होगी ही। साथ ही जीवन में आ रही समस्याएं भी कम हो जाएंगी। यदि आप भी जानना चाहते हैं, उन उपायों के बारे में, तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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