Shani Asta: अगर किसी की कुंडली में शनि ग्रह अस्त है. ऐसे में उसे पैरों में दर्द, रीड की हड्डी में परेशानी और जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. कुंडली में शनि के अस्त होने से कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. शनि अस्त के कारण सामाजिक प्रतिष्ठा कम होती है. कुंडली में शनि राहु केतु से प्रभावित होने पर जोड़ों में भयंकर दर्द का सामना करना पड़ता है. ऐसे लोग अर्थराइटिस का शिकार हो जाते हैं.

शनि राहु केतु इफेक्ट

शनि और राहु केतु से संबंधित दोष के कारण दुर्घटना में हड्डी टूटने और नौकरी में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. शनि अस्त के कारण व्यक्ति बीमारियों से ग्रस्त रहता है. व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो जाता है. हमेशा तनाव और चिंता में डूबा रहता है. आपको इसके बचाव के लिए उपाय करने चाहिए. शनि अस्त के अशुभ प्रभाव और शनि दोष से बचने के लिए उपायों को करना चाहिए.

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शनि अस्त के प्रभाव से बचने के उपाय

शनिदेव की कृपा के लिए, शनि अस्त के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए और शनि दोष से बचाव के लिए आपको कई उपायों को अपनाना चाहिए. आप शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान करें. ऐसा करने से आपको लाभ मिलेगा. इसके साथ ही शनिवारर के दिन शनि चालीसा और शनि स्त्रोत का पाठ करना चाहिए. इन उपायों को करने से शनिदेव को प्रसन्न कर शनि के बुरे प्रभाव से बच सकते हैं.

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आप शनिवार के दिन चमड़े के जूते, काले वस्त्र, काले तिल, लोहा यानी शनि से संबंधित चीजों का दान कर सकते हैं. ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होंगे. आप शनिवार के दिन घर से कबाड़ निकाल दें. शनिवार के दिन लोहे की कढ़ाई का दान करें. शनि मंदिर में जाकर पूजा करें. नई झाड़ू खरीदकर लाएं. पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. ओम शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें. इसके बारे में अधिक जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.