Budh Ast Effect: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह का खास महत्व है, जिसे ग्रहों के राजकुमार के नाम से जाना जाता है. राशि और नक्षत्र गोचर करने के साथ-साथ समय-समय पर बुध ग्रह अस्त अवस्था में भी जाते हैं, जिसके कारण लोगों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह अस्त अवस्था में विराजमान होते हैं और बुध ग्रह की अंतर्दशा आ जाए तो व्यक्ति का विश्वास कमजोर होने लगता है. उसे फैसले लेने में परेशानी होती है. सब कुछ पता होने के बाद भी व्यक्ति अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाता है क्योंकि वाणी उसका साथ नहीं देती है. इसके अलावा शरीर में ऐंठन, एलर्जी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं बुध के अस्त होने के कारण व्यक्ति को होती हैं क्योंकि ये त्वचा का कारक ग्रह है.
---विज्ञापन---
यदि आप जानना चाहते हैं कि बुध ग्रह के अस्त प्रभाव से कैसे व्यक्ति बच सकता है तो उसके लिए वीडियो को देखें.
---विज्ञापन---
---विज्ञापन---
ये भी पढ़ें- Navpancham Drishti: होने वाला है इन 4 राशियों का अच्छा समय शुरू, मंगल-यम बनाएंगे नवपंचम दृष्टि
---विज्ञापन---
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
---विज्ञापन---