कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापाक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को फिर से जंतर-मंतर पर बैठने की चेतावनी दी है. इस चेतावनी ने केंद्र सरकार की टेंशन बढ़ा दी है, क्योंकि पहले ही 36 दिन के विरोध प्रदर्शन, धरने और संसद मार्च के बाद धरना खत्म कराया गया था. धर्मेंद्र प्रधान को भी पद से इस्तीफा देना पड़ा और संसद मार्च के खिलाफ कार्रवाई के लिए अलग से आलोचना झेलनी पड़ी. लेकिन अब अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से नाराजगी जताते हुए फिर से आंदोलन करने की चेतावनी दी है.
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गृहमंत्री का आपराधियों पर कार्रवाई का निर्देश
अभिजीत दीपके ने साफ-साफ शब्दों में कहा दिया है कि अगर देशभर में छात्रों के खिलाफ की जा रही पुलिस कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई गई तो वे फिर से धरने पर बैठेंगे और इस बार बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे. बात दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोटूक शब्दों में ऐलान किया है कि बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ केस वापसी का ऐलान कर चुकी है, लेकिन 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड मिलेगा.
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देखें ये स्पेशल वीडियो रिपोर्ट और जानें कि आखिर सुप्रीम कोर्ट का CJP प्रोटेस्ट के मामले में क्या कहना है?
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