Bihar election 2025
विज्ञापन

Video: मुसलमानों से कौन दूर... JDU-TDP क्यों मजबूर? वक्फ बोर्ड और इफ्तार का 2025 में कितना होगा असर?

बिहार में इन दिनों चुनावी माहौल गर्माया हुआ है। इसी बीच रमजान के महीने में इफ्तार का मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जानें इफ्तार का इस चुनाव में कितना असर होगा?

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वोटों के ध्रुवीकरण के लिए चुनावी बयानबाजी लगातार हो रही है। साथ ही रमजान के महीने में इफ्तार पर चर्चा शुरू हो गई है। नीतीश कुमार के खिलाफ मुस्लिम संगठनों का विरोध भी बढ़ता जा रहा है। इस दौरान, इमारत शरिया को जमात इस्लामी, जमात अहले हदीस, खानकाह मोजबीह, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमात उलेमा हिंद और खानकाह रहमानी का साथ मिला है। मुस्लिमों की मुखालफत ने RJD को फिर से एक मुद्दा दे दिया है। सवाल ये उठ रहे हैं कि इफ्तार का 2025 के चुनाव पर कितना असर होगा?

2011 की जनगणना के मुताबिक, प्रदेश में कुल आबादी 10.41 करोड़ में से 82.69 फीसदी आबादी हिंदुओं की है। वहीं, 16.87 फीसदी आबादी मुसलमानों की है। आंकड़ों में समझें तो मुस्लिमों की आबादी लगभग 1 करोड़ 76 लाख के आसपास है। पिछले कुछ सालों में प्रदेश में मुसलमानों की आबादी 18 फीसदी तक बढ़ गई है। इससे साफ है कि चुनाव के लिए मुसलमानों का यह एक बड़ा वोट बैंक साबित होगा, जो किसी भी पार्टी के चुनाव जीतने में मददगार साबित हो सकता है। इस वीडियो के जरिए पूरा समीकरण समझिए।

Advertisment

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shabnaz

Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ