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चीन, जापान, श्रीलंका…'UPI पेमेंट' के लिए किन देशों में लगता है कितना चार्ज?

QR Code Transactional Charges: भारत में क्यूआर कोड पेमेंट सिस्टम को यूपीआई कहा जाता है, लेकिन हर देश में इस काम के लिए अलग-अलग तरह के पेमेंट सिस्टम होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाकी मुल्कों में क्यूआर ट्रांजैक्शन के लिए कितने चार्जेज लगते हैं.

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यूपीआई पेमेंट (AI Image)

UPI Charges in Different Countries: भारत में 2000 से यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगाने के ऐलान के बाद आम नागरिक और विपक्षी नेता सरकार को घेर रहे हैं. देश में नए नियम 15 अक्तूबर 2026 से लागू हो जाएंगे. इंडिया के अलावा दुनिया के कई देशों में क्यूआर कोड के जरिए ट्रांजैक्शन किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाकी मुल्कों में क्या चार्जेज लगते हैं. तो आइए आज हम इसका पता लगाने की कोशिश करते हैं.

हर मुल्क में अलग सिस्टम

क्यूआर कोड ट्रांजैक्शन चार्ज हर देश में काफी अलग-अलग होते हैं; आम तौर पर यूनिफाइड नेशनल बैंक-बैक्ड नेटवर्क के लिए ये 0% से 1% और प्रोप्राइटरी या क्रेडिट-लिंक्ड वॉलेट सिस्टम के लिए 1.5% से 3% के बीच होते हैं. हालांकि ज्यादातर मुल्कों में बड़े पेमेंट पर ही चार्ज लगाया जाता है.

इंडिया

भारत में ग्राहकों के लि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) और छोटे व्यापारियों के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) स्कैन मुफ्त हैं. हालांकि, बड़े बिजनसेज के लिए ज्यादा कीमत वाले ट्रांज़ैक्शन पर 0.3% से 0.5% के मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर चर्चा हो रही है. इंटरनेशनल क्रॉस-बॉर्डर UPI इस्तेमाल में स्टैंडर्ड फॉरेक्स कंवर्जन मार्कअप शामिल हो सकते हैं.

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चीन

भारत के इस सबसे अहम पड़ोसी मुल्क में Alipay और WeChat Pay जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से क्यूआर पेमेंट होता है. ये आमतौर पर कमर्शियल ट्रांज़ैक्शन के लिए मर्चेंट से तकरीबन 0.6% की स्टैंडर्ड सर्विस फीस लेते हैं, जबकि ग्राहकों के लिए स्कैन मुफ्त रहते हैं.

श्रीलंका

भारत के दक्षिणी पड़ोसी के ‘यूपीआई पेमेंट’ को LANKAQR कहा जाता है, जो एक यूनिफाइड ट्रांजैक्शन सिस्टम है, वहां 5000 रुपये तक के पेमेंट के लिए कोई चार्ज नहीं लगता, लेकिन इससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए 0.5% से लेकर 1% चार्ज वसूला जाता है.

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जापान

JPQR कैशलेस पेमेंट के लिए जापान का यूनिफाइड QR कोड स्टैंडर्ड है. इसे ‘पेमेंट्स जापान एसोसिएशन’ ऑपरेट करता है, ताकि मर्चेंट एक ही कोड के ज़रिए कई पेमेंट सर्विस एसेप्ट कर सकें. आम जनता के लिए ये फ्री है, लेकिन मर्चेंट को 1.5% से लेकर 3.25% के करीब का चार्ज लगता है.

इंडोनेशिया

इंडोनेशिया का नेशनल पमेंट सिस्टम को QRIS (क्विक रिस्पॉन्स कोड इंडोनेशियन स्टैंडर्ड) कहते हैं, जो अपने मर्चेंट से 1,500 रुपिया जितनी कम फीस लेता है, जो ट्रेडिशन कार्ड नेटवर्क की 2,500 से 6,000 रुपिया की फीस से काफी कम है.

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अमेरिका, कनाडा, यूरोप

दुनिया के ये सबसे डेवलप्ड रीजन में यूनिफाइड नेशनल इंस्टेंट क्यूआर कोड का इस्तेमाल कम होता है. ज्यादातर क्यूआर पेमेंट प्रोप्राइटरी वॉलेट ऐप या लिंक्ड क्रेडिट या डेबिट कार्ड पर निर्भर करते हैं, जिनमें स्टैंडर्ड कार्ड-नेटवर्क प्रोसेसिंग फीस लगती है, जो 1.5% से 3.5% तक होती है.

लैटिन अमेरिका

साउथ अमेरिका के कुछ देशों में प्राइवेट पेमेंट प्रोसेसर या रीजनल फिनटेक नेटवर्क के जरिए लागू क्यूआर कोड सिस्टम मर्चेंज से 1% से 3% के बीच स्टैंडर्ड प्रोसेसिंग रेट लेते हैं, हालांकि बेसिक ट्रांसफर के लिए स्टैटिक QR कोड अक्सर मुफ्त होते हैं.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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