8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को मिलेगी बड़ी राहत, क्या बदलेगा 15 साल वाला नियम?

8th Pay Commission Latest Update: 8वें वेतन आयोग के सामने पेंशन कम्यूटेशन नियम में बड़े बदलाव की मांग रखी गई है. कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि 15 साल की रिकवरी अवधि को घटाकर 11 साल किया जाए. नियम बदलने पर पेंशनर्स को लाखों रुपये का सीधा आर्थिक फायदा हो सकता है.

8th pay commission latest Update

Photo Credit: News24

8th Pay Commission Latest Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है. नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी NC-JCM और भारत पेंशनर्स समाज (BPS) जैसे कर्मचारी संगठनों ने पेंशन कम्यूटेशन के पुराने नियम में बदलाव की जोरदार मांग उठाई है. कमीशन की सिफारिशों से एक करोड़ से ज़्यादा लोगों को फायदा होने की उम्मीद है, जिनमें लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं. लोग यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है, नया फिटमेंट फ़ैक्टर क्या होगा और बदला हुआ वेतन ढांचा कब से लागू होगा.

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7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु का दौरा करेगी आयोग की टीम

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मामलों को लेकर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. वित्त मंत्रालय के तहत कार्यरत 8वें वेतन आयोग ने आधिकारिक नोटिस जारी कर जानकारी दी है कि आयोग 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु का दौरा करेगा. इस दौरे के दौरान आयोग विभिन्न हितधारकों, संस्थाओं और केंद्र सरकार के कर्मचारी संगठनों व यूनियनों के साथ सीधा संवाद और बैठकें करेगा.

18 सितंबर तक देना होगा आवेदन

आयोग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, जो भी संगठन, संस्थान या कर्मचारी यूनियनें बेंगलुरु में आयोग के साथ बातचीत या बैठक करना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए पहले से अप्वाइंटमेंट लेना होगा. इसके लिए ऑनलाइन लिंक जारी किया गया है. अप्वाइंटमेंट के लिए अनुरोध भेजने की आखिरी तारीख 18 सितंबर 2026 तय की गई है. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अप्वाइंटमेंट रिक्वेस्ट सबमिट करते समय संगठनों को अपनी ‘यूनिक मेमो आईडी’ दर्ज करना अनिवार्य होगा. यह आईडी ज्ञापन जमा करने के बाद जनरेट होती है. आयोग के निदेशक आशीष यादव की ओर से जारी इस सूचना में यह भी बताया गया है कि बैठकों के स्थान और विस्तृत समय-सारिणी की जानकारी आगे अलग से साझा की जाएगी.

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क्या है 15 साल वाला नियम और मांग?

मौजूदा नियमों के तहत केंद्रीय कर्मचारी रिटायरमेंट के समय अपनी बेसिक पेंशन का अधिकतम 40 फीसदी हिस्सा एडवांस के तौर पर एकमुश्त ले सकते हैं. इसके बदले अगले 15 वर्षों तक उनकी मासिक पेंशन में कटौती होती है और 15 साल पूरे होने के बाद पूरी पेंशन फिर से बहाल होती है. कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इस 15 साल की अवधि को घटाकर 11 साल किया जाए. उनका तर्क है कि मौजूदा 15 साल का नियम साल 1986 के पुराने आर्थिक और ब्याज दर के आंकड़ों पर आधारित है.

नियम बदलने की मुख्य वजहें:

  • ब्याज दरों में गिरावट: 1986 में ब्याज दर करीब 12 फीसदी थी, जो अब काफी कम हो चुकी है.
  • जीवन प्रत्याशा में वृद्धि: लोगों की औसत उम्र बढ़ी है और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है.
  • तेज रिकवरी: भारत पेंशनर्स समाज के आंकड़ों के मुताबिक, कम्यूट की गई रकम की वास्तविक रिकवरी अब लगभग 11.25 से 11.45 साल में ही पूरी हो जाती है.

पेंशनर्स को कितना होगा फायदा?

अगर यह मांग मान ली जाती है, तो पेंशनर्स को 4 साल पहले ही पूरी पेंशन मिलने लगेगी. उदाहरण के तौर पर, यदि किसी पेंशनर की बेसिक पेंशन 35,000 रुपये है, तो 4 साल पहले पूरी पेंशन बहाल होने से उसे करीब 6.72 लाख रुपये तक का अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिल सकता है. फिलहाल 8वां वेतन आयोग सभी संबंधित पक्षों और कर्मचारी संगठनों से सुझाव ले रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि वेतन आयोग अपनी सिफारिशें अगले साल तक सरकार को सौंप सकता है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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