मुख्य बिंदु

  • सूरत-बिलिमोरा बुलेट ट्रेन सेक्शन के अगले साल खुलने की उम्मीद है.
  • मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर कई फेज में शुरू किया जाएगा.
  • 261 रेलवे स्टेशनों का रीडेवलपमेंट पहले ही पूरा हो चुका है.
  • सिकंदराबाद स्टेशन को मॉडर्न बनाया जा रहा है, जबकि ट्रेन की सर्विस जारी है.
  • हैदराबाद को फ्यूचर के 3 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ने का प्लान है.

Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऐलान किया है कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का पहला चालू होने वाला हिस्सा अगले साल से सेवा शुरू कर सकता है. शुरुआती फेज में गुजरात में सूरत और बिलिमोरा के बीच का रूट शामिल होगा, जो भारत के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की पहली सर्विस होगी.

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अगले साल शुरू होगा पहला फेज

हैदराबाद में HYSEA GCCS और IT राउंड टेबल में बोलते हुए, मंत्री ने कहा कि इस बड़े हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. उन्होंने भरोसा जताया कि प्रोजेक्ट एक अहम स्टेज में पहुंच गया है और पहला सेक्शन 2027 में कॉमन पैसेंजर्स के लिए तैयार हो जाएगा.

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(AI Image)

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बाकी फेज कब चालू होगा?

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सूरत-बिलिमोरा सेक्शन के शुरू होने के बाद कॉरिडोर के बाकी हिस्सों को धीरे-धीरे चालू किया जाएगा. प्रपोज्ड प्लान के मुताबिक, बाद में इसकी सर्विस वापी से सूरत, फिर वापी से अहमदाबाद, उसके बाद अहमदाबाद से ठाणे और आखिर में पूरे अहमदाबाद-मुंबई रूट तक बढ़ाई जाएंगी. इस फेज वाइज तरीके से शुरू करने की रणनीति का मकसद कंस्ट्रक्शन वर्क पूरा होने के साथ-साथ अलग-अलग सेक्शन को सर्विस में लाना है.

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सिकंदराबाद स्टेशन का विकास

सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के बदलाव पर बात करते हुए, वैष्णव ने कहा कि ये प्रोजेक्ट खास तौर पर चैलेंजिंग है क्योंकि कंस्ट्रक्शन वर्क रेगुलर ट्रेन सेवाओं में रुकावट डाले बिना किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इंजीनियर बिना किसी रुकावट के रेल संचालन सुनिश्चित करते हुए प्लेटफॉर्म के ऊपर एक बड़ा एयर कॉनकोर्स बना रहे हैं, जिसमें सेफ्टी और क्वालिटी को सबसे ज्यादा प्रायोरिटी दी जा रही है.

कनेक्टिविटी में सुधार

प्रोग्राम के बाद मीडिया से बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि आने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर रीजनल कनेक्टिविटी में काफी सुधार करेंगे और आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगे. उन्होंने हैदराबाद से जुड़े 3 प्रपोज्ड बुलेट ट्रेन रूट्स - पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु का जिक्र करते हुए कहा कि ये प्रोजेक्ट व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करेंगे, आवाजाही को बेहतर बनाएंगे और हैदराबाद को एक बड़े हाई-स्पीड रेल हब के तौर पर स्थापित करेंगे.

स्टेशंस का होगा मेकओवर

रेल मंत्री ने 'नव-निर्माण' पहल के तहत देश भर में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 261 रेलवे स्टेशंस पर रीडेवलपमेंट का काम पहले ही पूरा हो चुका है, जो देश भर में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने में तेजी से हो रही प्रोग्रेस को दिखाता है.

तेलंगाना को 5400 करोड़ का रेल बजट

वैष्णव ने आगे कहा कि तेलंगाना केंद्र की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पहलों का एक मेन बेनिफिशियरी बनकर उभरा है, और इस प्रोग्राम के तहत 100 से ज्यादा कंपनियों को मदद मिली है. उन्होंने कहा कि राज्य को 5400 करोड़ रुपये का रेलवे बजट भी आवंटित किया गया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी आने और ट्रांसपोर्ट फैसिलिटीज में सुधार होने की उम्मीद है.

निष्कर्ष

भारत का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेजी से हकीकत बनता जा रहा है, और सूरत-बिलिमोरा सेक्शन अगले साल चालू होने वाला पहला हिस्सा होगा. हाई-स्पीड रेल के एक्सपेंशन के साथ-साथ, सरकार रेलवे स्टेशंस के रीडेवलपमेंट में तेजी ला रही है और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है. हैदराबाद से जुड़ने वाले भविष्य के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और शहरी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. ये प्रोजेक्ट देश भर में एक तेज, ज्यादा कुशल और तकनीकी रूप से उन्नत रेलवे नेटवर्क बनाने की दिशा में एक अहम कदम हैं.