मुख्य बिंदु
- कोलकाता मेट्रो ने किडरपोर-विक्टोरिया के बीच 1.6 KM लंबी सुरंग का काम पूरा किया.
- तकरीबन एक साल के काम के बाद टीबीएम 'दुर्गा' ने ये कामयाबी हासिल की.
- ये सुरंग 15.1 किलोमीटर लंबे जोका-एस्प्लेनेड पर्पल लाइन का हिस्सा है.
- अभी मेट्रो सेवाएँ सिर्फ जोका और माजेरहाट के बीच चल रही हैं.
- इस प्रोजेक्ट का मकसद शहर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है.
Kolkata Metro Purple Line: कोलकाता मेट्रो ने अपनी पर्पल लाइन के निर्माण में एक और अहम पड़ाव पार कर लिया है. उसने किडरपोर और विक्टोरिया मेमोरियल के बीच 1.6 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल का काम पूरा कर लिया है. ये नई सुरंग 15.1 किलोमीटर लंबे जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा है. उम्मीद है कि पूरी तरह चालू होने के बाद ये रूट कोलकाता के साउथवेस्टर्न सबअर्बन और सिटी सेंटर के बीच तेज और आरामदायक जर्नी की फैसिलिटी देगा.
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सुरंग बनाने में मिली कामयाबी
ये कामयाबी तब मिली, जब टनल बोरिंग मशीन (TBM) 'दुर्गा' कामयाबी के साथ विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पहुंची और इस हिस्से के लिए बनाई जा रही 2 पैरेलल टनल्स में से एक का काम पूरा किया. इस हिस्से में सुरंग बनाने का काम 10 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था और तकरीबन एक साल में पूरा हो गया.
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रेल मंत्री ने की तारीफ
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अचीवमेंट की तारीफ की और कोलकाता के सबसे बिजी और ऐतिहासिक तौर से अहम इलाकों में से एक के नीचे अंडरग्राउंड मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए जरूरी इंजीनियरिंग एक्सपर्टीज पर जोर दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर इस कामयाबी को शेयर करते हुए इसे पर्पल लाइन प्रोजेक्ट के लिए एक अहम माइलस्टोन बताया.
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सफर होगा आसान
ये पूरी हुई सुरंग जोका और एस्प्लेनेड को जोड़ने वाले बड़े मेट्रो कॉरिडोर का हिस्सा है. अभी मेट्रो सेवाएं सिर्फ जोका और माजेरहाट के बीच अवेलेबल हैं, जबकि रूट के बाकी हिस्सों पर कंस्ट्रक्शन वर्क चल रहा है. पूरा होने पर, इस कॉरिडोर से शहरी आवाजाही बेहतर होने और डेली ट्रैवल करने वाले हजारों लोगों का ट्रैवल टाइम कम होने की उम्मीद है.
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2 मशीनों की ली गई मदद
अंडरग्राउंड हिस्से को पूरा करने के लिए, कोलकाता मेट्रो ने किडरपोर से पार्क स्ट्रीट तक दोहरी सुरंगें बनाने के लिए 2 टनल बोरिंग मशीनें- दुर्गा और दिव्या लगाई हैं. पार्क स्ट्रीट के आगे इंजीनियर जमीन की स्थिति और तकनीकी जरूरतों के आधार पर 'कट-एंड-कवर' कंस्ट्रक्शन के तरीके का इस्तेमाल करेंगे.
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इंजीनियरिंग टीमों को मुबारकबाद
मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि सुरंग बनाने का काम सुरक्षा पर पूरा ध्यान देते हुए किया गया, साथ ही जमीन के ऊपर ट्रैफिक और डेली एक्टिविटीज में कम से कम रुकावट आए, इसका भी ध्यान रखा गया. कोलकाता मेट्रो के जनरल मैनेजर प्रेम सागर गुप्ता ने चैलेंजिंग अंडरग्राउंड काम को कामयाबी के साथ पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग टीमों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि मॉडर्न मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पब्लिक ट्रांस्पोर्ट को मजबूत करने और भारत के लंबे समय के विकास के मकसद को पूरा करने में अहम रोल अदा कर रहे हैं.
कब पूरा होगा इस रूट का काम?
सुरंग का कामयाबी निर्माण पर्पल लाइन को पूरा करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है, जिससे कोलकाता में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बदलाव आने की उम्मीद है. कोलकाता में देश की पहली मेट्रो चली थी, जहां तक पर्पल लाइन के पूरा होने की बात है, अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस रूट का काम तकरीबन 3 साल में पूरा हो सकता है.
निष्कर्ष
किडरपोर-विक्टोरिया सुरंग का पूरा होना कोलकाता मेट्रो के पर्पल लाइन प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ी अचीवमेंट है. ये घनी आबादी वाले शहरी इलाके में मुश्किल अंडरग्राउंड इंजीनियरिंग की कामयाबी को दिखाता है. जब पूरा जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर बन जाएगा, तो यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, कम ट्रैवल टाइम और मॉडर्न पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधाएं मिलेंगी. उम्मीद है कि ये प्रोजेक्ट कोलकाता की बढ़ती ट्रांसपोर्ट जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ शहर में सस्टेनेबल शहरी विकास और बेहतर जर्नी में भी मदद करेगा.