मुख्य बिंदु

  • कर्नाटक सरकार दक्षिण बेंगलुरु में दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का प्लान बना रही है.
  • सरकार का मकसद जमीन अधिग्रहण के दौरान गांवों को विस्थापित होने से बचाना है.
  • जगह चुनने में लागत, जमीन की बनावट औरटेक्निकल फीजीबिलिटी का ध्यान रखा जाएगा.
  • AAI ने हारोहल्ली और नेलमंगला के पास चुनी गई जगहों का निरीक्षण किया है.
  • एयरपोर्ट का फाइनल प्रपोजल की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.

Karnataka Plans Second International Airport in South Bengaluru: कर्नाटक सरकार बेंगलुरु के दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ गई है. अधिकारियों को शहर के दक्षिणी हिस्से में एक सही जगह खोजने का निर्देश दिया गया है. राज्य के सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि इस प्रपोज्ड प्रोजेक्ट की योजना इस तरह से बनाई जानी चाहिए कि जमीन अधिग्रहण का खर्च कम हो और गांवों को विस्थापन से बचाया जा सके.

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क्यों लिया जा रहा है ये फैसला?

ये फैसला इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर एमबी पाटिल और सरकार के सीनियर अधिकारियों के साथ हुई एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग में लिया गया. मीटिंग में केंपगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स की बढ़ती तादाद का लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन खोजने पर ध्यान दिया गया, क्योंकि हाल के सालों में यहां यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है.

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केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रपोजल

सीएम के मुताबिक, सरकार ने अधिकारियों से कई बातों के आधार पर संभावित जगहों का इवेलुएशन करने को कहा है, जिनमें तकनीकी फिजीबिलिटी, जमीन की बनावट, इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतें और प्रोजेक्ट की कुल लागत शामिल है. एक बार सही जगह मिल जाने के बाद, राज्य सरकार एक डिटेल्ड प्रपोजल तैयार करेगी और उसे आगे के विचार के लिए केंद्र सरकार को सौंपेगी.

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साउथ बेंगलुरु में लोकेशन

हालांकि अभी तक फाइनल साइट तय नहीं हुई है, लेकिन शिवकुमार ने दोहराया कि एयरपोर्ट दक्षिण बेंगलुरु में ही बनेगा, जो राज्य की पहले की विकास योजनाओं के अनुरूप है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार प्रोजेक्ट को लागू करते समय पूरे गांवों को दूसरी जगह बसाने से बचना चाहती है.

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कैसे होगा जमीन अधिग्रहण?

सीएम ने कहा कि अधिकारियों को ऐसी जमीन चुनने का निर्देश दिया गया है जहां अधिग्रहण की लागत उचित हो और स्थानीय समुदायों पर असर कम से कम हो. उन्होंने कहा कि जहां उचित मुआवजे के साथ कुछ अलग-अलग संपत्तियों का अधिग्रहण किया जा सकता है, वहीं जहां तक संभव हो, पूरे गांवों को दूसरी जगह बसाने से बचना चाहिए.

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बजट में किया गया था ऐलान

दूसरे एयरपोर्ट का प्रपोजल सबसे पहले इस साल की शुरुआत में कर्नाटक के राज्य बजट में सामने आया था. सरकार का मानना ​​है कि हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने और बेंगलुरु के लगातार आर्थिक और औद्योगिक विस्तार को सहारा देने के लिए एक और इंटरनेशनल एयरपोर्ट जरूरी है.

शॉर्टलिस्ट की गई साइट

शुरुआती प्लानिंग प्रॉसेस के तहत, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने पहले ही शॉर्टलिस्ट की गई कई जगहों का निरीक्षण कर लिया है. इनमें कनकपुरा रोड पर हारोहल्ली के पास दो संभावित जगहें और नेलमंगला के पास कुनिगल रोड के पास एक और जगह शामिल है.

बेहतर एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर की उम्मीद

राज्य सरकार की तरफ से अपनी पसंदीदा जगह तय करने के बाद, प्रपोजल को टेक्निकल इवेलुएशन, रेगुलेटरी मंजूरी और कानूनी मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. एक बार ये औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद, प्रोजेक्ट प्लानिंग और कंस्ट्रक्शन स्टेज की तरफ बढ़ सकता है, जिससे कर्नाटक की राजधानी के लिए बेहतर एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी का रास्ता साफ होगा.

निष्कर्ष

दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बेंगलुरु में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने और शहर के भविष्य के विकास में अहम भूमिका निभाएगा. सस्ती जमीन अधिग्रहण और स्थानीय समुदायों पर कम से कम असर डालने पर ध्यान देकर, कर्नाटक सरकार इस प्रोजेक्ट को टिकाऊ तरीके से विकसित करना चाहती है. एक बार जब केंद्र से आखिरी जगह को मंजूरी मिल जाएगी, तो एयरपोर्ट रीजनल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, यात्रियों की क्षमता बढ़ाएगा और राज्य के लंबे समय के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान देगा.