अगर आप या आपके परिवार में कोई भारतीय रेलवे (Indian Railways) का कर्मचारी है, तो आपके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और टेक-फ्रेंडली (Tech-friendly) खबर आई है.
रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाले ई-पास (E-Pass) की चेकिंग अब पुराने ढर्रे पर या कागज देखकर नहीं होगी. अब टिकट चेकिंग स्टाफ यानी TTE साहब अपने हाथ में मौजूद स्मार्ट टैब हैंड हेल्ड टर्मिनल (Hand Held Terminal – HHT) से एक सेकंड में स्कैन करके असली और नकली ई-पास का तुरंत हिसाब-किताब चुकता कर देंगे.
रेलवे बोर्ड ने इस नए डिजिटल सिस्टम को लागू करने का फरमान जारी कर दिया है. आइए, जानते हैं कि रेलवे का यह नया कदम कैसे काम करेगा और फर्जीवाड़े पर कैसे नकेल कसेगा.
अब कैसे होगी डिजिटल ई-पास की चेकिंग?
पहले जब कोई रेल कर्मचारी या उनका परिवार ई-पास पर यात्रा करता था, तो TTE को मैनुअली पास की डिटेल्स देखनी पड़ती थी. इससे कई बार फर्जी या एक्सपायर्ड पास का गलत फायदा उठाने वाले लोग बच निकलते थे.
लेकिन अब कहानी बदल चुकी है. रेलवे ने चेकिंग वाले HHT टैब ऐप को अपने HRMS (Human Resource Management System) सर्वर से जोड़ दिया है. बस एक स्कैन और सारा कच्चा चिट्ठा सामने आ जाएगा. जैसे ही TTE आपके ई-पास को अपने टैब से स्कैन करेंगे, सिस्टम तुरंत HRMS सर्वर से डेटा मिलाएगा.
अगर पास में कोई गलती है, वह एक्सपायर (Expire) हो चुका है या फिर पूरी तरह से फर्जी (Fake) है, तो टैब तुरंत लाल बत्ती जला देगा और TTE को खबर लग जाएगी.
रिजर्वेशन चार्ट के बाद अब ई-पास भी पेपरलेस
आपको याद होगा कि पहले TTE साहब हाथ में कागजों का लंबा-चौड़ा आरक्षण चार्ट लेकर ट्रेन के डिब्बों में घूमते थे. अब वह सारा काम HHT टैब से होता है और खाली सीटों की जानकारी भी तुरंत ऑनलाइन अपडेट हो जाती है.
ठीक उसी तर्ज पर अब ई-पास की चेकिंग भी पूरी तरह से डिजिटल, तेज और पारदर्शी (Transparent) हो जाएगी. इससे न सिर्फ चेकिंग स्टाफ का समय बचेगा, बल्कि फर्जी पास के दुरुपयोग पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी.
रेलवे बोर्ड ने सभी जोन्स को दिए निर्देश
रेलवे बोर्ड ने देश के सभी जोन्स के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (PCCM) को पत्र जारी कर इस व्यवस्था को तुरंत लागू करने और चेकिंग स्टाफ को ट्रेनिंग देने का निर्देश दिया है.
अगर इस नए डिजिटल सिस्टम में कोई भी तकनीकी खराबी आती है, तो TTE सीधे CRIS (सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम) को फीडबैक भेज सकेंगे.
अगर आप रेलवे कर्मचारी हैं और वैध ई-पास पर यात्रा कर रहे हैं, तो आपको बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है. आपका सफर और भी आसान और झंझट-मुक्त होने वाला है. लेकिन हां, जुगाड़ से फर्जी पास चलाने वालों के लिए अब ट्रेन का सफर महंगा पड़ सकता है.