मुख्य बिंदु
- हैदराबाद को फ्यूचर के हाई-स्पीड रेल हब के तौर पर प्रपोज किया गया है.
- हैदराबाद को पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ने के लिए3 बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्लान है.
- तेलंगाना को इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 5,400 करोड़ रुपये का रेलवे बजट मिला है.
- तेलंगाना के कई बड़े स्टेशनों पर रेलवे स्टेशन के फिर से विकास का काम चल रहा है.
- केंद्र का लक्ष्य इस साल 400 और अगले साल तक 700 स्टेशंस को मॉडर्न बनाना है.
Bullet Train In Hyderabad: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार 11 जुलाई को कहा कि पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु को जोड़ने वाले 3 प्रपोज्ड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के ऐलान के बाद हैदराबाद के एक बड़े हाई-स्पीड रेल हब के रूप में उभरने की उम्मीद है. नोवोटेल हैदराबाद कंवेशन सेंटर में आयोजित HYSEA GCCS और IT राउंडटेबल में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि नए कॉरिडोर रीजनल कनेक्टिविटी में काफी सुधार करेंगे और लंबे वक्त के आर्थिक विकास में मदद करेंगे.
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हैदराबाद से होकर गुजरेगा विकास का रास्ता
वैष्णव के मुताबिक, प्रपोज्ड हाई-स्पीड रेल नेटवर्क भारत के अहम शहरों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, तेज सफर को बढ़ावा देगा और रीजनल इकॉनमी के बीच बेहतर तालमेल को मजबूत करेगा. उन्होंने कहा कि हैदराबाद की स्ट्रैटेजिक लोकेशन इसे फ्यूचर की हाई-स्पीड रेल सर्विसेड के लिए एक अहम सेंटर बनने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाती है, जिससे बिजनेस, इंवेस्टमेंट और शहरी विकास के लिए नए मौके पैदा होंगे.
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तेलंगाना को 5400 करोड़
रेल मंत्री ने तेलंगाना के ट्रांस्पोर्ट के बुनियादी ढांचे में केंद्र के लगातार निवेश पर भी बात की. उन्होंने कहा कि राज्य को 5400 करोड़ रुपये का रेलवे बजट आवंटित किया गया है, जो कई रेलवे विकास और मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट में मदद कर रहा है. उन्होंने कहा कि इन इंवेस्टमेंट से पैसेंजर्स की फैसिलिटी में सुधार होने और पूरे राज्य में रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है.
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इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में तरक्की
अश्विनी वैष्णव ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेलंगाना की बढ़ती भूमिका की तरफ भी इशारा किया. उन्होंने कहा कि केंद्र की प्रोडक्शन की पहल के तहत 100 से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों का एक्सपेंशन हुआ है, जिसमें तेलंगाना अपने मजबूत औद्योगिक और तकनीकी इकोसिस्टम के कारण बड़े बेनिफिशियरीज में से एक के तौर पर उभरा है.
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स्टेशन होंगे मॉडर्नाइज
इस प्रोग्राम के दौरान रेल मंत्री ने देशभर के रेलवे स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोग्राम के बारे में जानकारी शेयर की. उन्होंने कहा कि मौजूदा पहल के तहत देश भर में 261 रेलवे स्टेशंस का पहले ही मॉडर्नाइजेशन किया जा चुका है, जबकि कई दूसरे लोकेशंस पर काम तेजी से चल रहा है.
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इन स्टेशंस में तरक्की
तेलंगाना में, सिकंदराबाद, बेगमपेट, HITEC सिटी, वारंगल, करीमनगर, हैदराबाद (नामपल्ली), काजीपेट जंक्शन और मलकपेट सहित अहम स्टेशनों पर रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं या पूरे हो चुके हैं. रेल मंत्री ने बताया कि बेगमपेट स्टेशन उद्घाटन के लिए तैयार है, जबकि HITEC सिटी स्टेशन का काम पहले ही पूरा हो चुका है.
एयर कॉनकोर्स बनाने की बात
सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के बारे में बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि यह परियोजना तकनीकी रूप से चैलेंजिंग है क्योंकि कंस्ट्रक्शन वर्क डेली के ट्रेन ऑपरेशंस में रुकावट डाले बिना जारी है. उन्होंने बताया कि इंजीनियर सेफ्टी और क्वालिटी के कड़े स्टैंडर्ड्स को बनाए रखते हुए एक्टिव रेलवे प्लेटफॉर्म के ऊपर एक बड़ा एयर कॉनकोर्स बना रहे हैं.
क्या है फ्यूचर की प्लानिंग?
रेल मंत्री ने स्टेशन के रीडेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए फ्यूचर के गोल्स के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि सरकार का टारगेट इस साल के आखिर तक 400 मॉडर्न स्टेशंस का काम पूरा करना और अगले साल के आखिर तक इनकी संख्या बढ़ाकर 700 करना है. उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स का मकसद पूरे भारत में पैसेंजर्स को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, अच्छी सुविधाएं और ट्रैवल का मॉडर्न एक्सपीरिएंस देना है.
निष्कर्ष
प्रपोज्ड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर और मौजूदा रेलवे रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स तेलंगाना के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं. अगर इन्हें लागू किया जाता है, तो हाई-स्पीड रेल लिंक से रीजनल कनेक्टिविटी में काफी सुधार हो सकता है, ट्रैवल टाइम कम हो सकता है और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सकता है. साथ ही, रेलवे स्टेशंस के मॉडर्नाइजेशन से पैसेंजर्सी की फैसिलिटीज और सेफ्टी बेहतर होने की उम्मीद है. इन सभी पहलों में हैदराबाद को एक अहम ट्रांसपोर्ट हब में बदलने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और दक्षिण भारत में ट्रैवल को बेहतर बनाने की उम्मीद है.