मुख्य बिंदु
- हिंडन एयरपोर्ट रात में फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने की योजना बना रहा है.
- एयरक्राफ्ट पार्किंग क्षमता को 2 बे से बढ़ाकर 6 बे करने का प्रस्ताव है.
- AAI और इंडियन एयर फोर्स ऑपरेशनल व्यवस्थाओं पर चर्चा कर रहे हैं.
- एप्रन के विस्तार और नई एक्सेस रोड के लिए अतिरिक्त जमीन की पहचान की गई है.
- इन अपग्रेड्स से दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
Hindon Airport Plans Night Operations: दिल्ली से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर गाजियाबाद में स्थित हिंडन एयरपोर्ट, फ्लाइट ऑपरेशन बढ़ाने और यात्रियों की सुविधाएं बेहतर करने के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड की तैयारी कर रहा है. अधिकारी रात में भी ऑपरेशन शुरू करने और एयरक्राफ्ट पार्किंग की क्षमता बढ़ाने के प्रस्तावों पर काम कर रहे हैं, ताकि भविष्य में एयरपोर्ट ज्यादा फ्लाइट्स को संभाल सके.
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बढ़ेगा एयरपोर्ट का ऑपरेशन
अभी, ये एयरपोर्ट इंडियन एयर फोर्स (IAF) की जमीन पर चलता है और फ्लाइट सर्विसेज सिर्फ दिन में ही होती हैं क्योंकि सूरज डूबने के बाद एयरक्राफ्ट की आवाजाही की इजाजत नहीं है. एयरपोर्ट अधिकारी अब एक नई ऑपरेशनल अरेंजमेंट्स पर चर्चा कर रहे हैं जिसमें एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) रात के समय एयर ट्रैफिक कंट्रोल का काम संभाल सकती है, जिससे एयरपोर्ट का ऑपरेशन बढ़ाया जा सकेगा.
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फ्लाइट पार्किंग बे भी बढ़ेगा
एक और बड़ी कमी सिर्फ 2 एयरक्राफ्ट पार्किंग बे का होना है, जिससे रोजाना संभाली जा सकने वाली फ्लाइट्स की संख्या सीमित हो जाती है. इस क्षमता को 2 बे से बढ़ाकर 6 बे करने की प्लानिंग है, ताकि एयरलाइंस अपनी सर्विसेज बढ़ा सकें. यानी यहां फ्लाइट की कैपेसिटी बढ़ाने की भी प्लानिंग है.
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इन शहरों तक फ्लाइट सर्विसेज
एयरपोर्ट ने 2019 में UDAAN रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया था. अभी, इंडिगो (IndiGo) और स्टार एयर (Star Air) की तरफ से रोजाना सीमित संख्या में फ्लाइट्स चलाई जाती हैं, जो बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, वाराणसी, नवी मुंबई, नांदेड़, आदमपुर और मुंद्रा जैसी जगहों को कनेक्ट करती हैं.
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ज्यादा जमीन की होगी जरूरत
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, IAF एप्रन के विस्तार के लिए तकरीबन 270 मीटर गुणा 230 मीटर की अतिरिक्त जमीन देने पर सहमत हो गया है. अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे एयरपोर्ट की सीमा को एयरक्राफ्ट पार्किंग एरिया से जोड़ने के लिए एक अलग एक्सेस रोड बनाएँ ताकि डिफेंस गतिविधियों पर असर न पड़े. सड़क के लिए लगभग 6.5 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत होगी, और इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को सौंप दिया गया है. इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद, हिंडन एयरपोर्ट से रीजनल कनेक्टिविटी बेहतर होने, ज्यादा एयरलाइंस को जगह मिलने और दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को ज्यादा सुविधा मिलने की उम्मीद है.
निष्कर्ष
हिंडन एयरपोर्ट का प्रपोज्ड एक्सपेंशन ऑपरेशनल कैपेसिटी और रीजनल महत्व को काफी बेहतर बना सकता है. रात में उड़ान भरने और उतरने की सुविधा, एडिशनल पार्किंग बे और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से और ज्यादा एयरलाइंस को अट्रैक्ट करने और उड़ानों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी. इन सुधारों के पूरा होने पर, उम्मीद है कि कनेक्टिविटी तेज होगी, आस-पास के एयरपोर्ट्स पर भीड़ कम होगी और NCR एरिया के यात्रियों को ज्यादा सुविधा मिलेगी.