Gold Price Hike: त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सितंबर का महीना बेहद अहम साबित हो सकता है. हाल के दिनों में सोने की कीमतों में भले ही उतार-चढ़ाव देखने को मिला हो, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसे तेजी का अंत नहीं समझना चाहिए. आने वाले दिनों में सोने के भाव फिर नया उछाल दिखा सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4 सितंबर को हाजिर सोना लगभग 4,528.54 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करता दिखा. वहीं, घरेलू वायदा बाजार यानी एमसीएक्स (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 1,55,344 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा. अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और मुनाफावसूली के चलते बाजार में बीच-बीच में हल्की नरमी देखने को मिल रही है.

दो दिनों से सोने में जारी तेजी पर शुक्रवार को ब्रेक

घरेलू वायदा बाजार में पिछले दो दिनों से सोने में जारी तेजी पर शुक्रवार को ब्रेक लग गया. निवेशकों की ओर से की गई मुनाफावसूली और अमेरिकी नौकरियों के अहम आंकड़ों से पहले बनी सतर्कता के चलते सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 431 रुपये यानी 0.28 प्रतिशत टूटकर 1,55,344 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया.

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कारोबारियों का कहना है कि हालिया तेजी के बाद ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा काटना बेहतर समझा. इसके अलावा, निवेशक आज जारी होने वाली अमेरिका की गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. यह डेटा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के आने वाले ब्याज दरों के रुख को समझने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो न्यूयॉर्क में कॉमेक्स (Comex) पर दिसंबर अनुबंध के लिए सोने का वायदा भाव मामूली गिरावट के साथ 4,528.54 डॉलर प्रति औंस पर आ गया.
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म 'लेमन' (Lemonn) के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के मुताबिक, बाजार में इस समय सभी की नजरें अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट पर टिकी हैं. यह रिपोर्ट तय करेगी कि आने वाले दिनों में अमेरिकी डॉलर, ट्रेजरी यील्ड और कीमती धातुओं की चाल किस दिशा में आगे बढ़ेगी.

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गिरावट में खरीदारी का मौका: एक्सपर्ट की राय

एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के अनुसार, सोने का तकनीकी रुख अभी भी मजबूत और सकारात्मक बना हुआ है. उनके मुताबिक, एमसीएक्स पर 1,55,000 से 1,55,200 रुपये का स्तर खरीदारी के लिए बेहतर मौका हो सकता है. उन्होंने 1,53,400 रुपये का स्टॉप-लॉस रखते हुए 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का लक्ष्य तय किया है. यानी गिरावट आने पर चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की जा सकती है.

सितंबर में क्यों आ सकती है तेजी?

सोने की कीमतों पर कई वैश्विक कारकों का असर है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की नीति, डॉलर की चाल और वैश्विक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बनी हुई है. ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद सोने को और सहारा दे सकती है.

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यूपी के ग्राहकों के लिए क्या है सलाह?

लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आगरा और मेरठ के सर्राफा बाजारों में मेकिंग चार्ज और टैक्स के चलते खुदरा भाव अलग-अलग हो सकते हैं. जानकारों का कहना है कि अचानक बड़ी तेजी का इंतजार करने के बजाय किस्तों में खरीदारी करना बेहतर रणनीति है. अगर घर में शादी या कोई आयोजन है, तो एकमुश्त खरीदारी के बजाय बजट के अनुसार थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदना ज्यादा सुरक्षित रहेगा.

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