मुख्य बातें
- एक्सप्रेसवे की लंबाई तकरीबन 213 किलोमीटर है
- सफर का वक्त घटकर लगभग ढाई घंटे हो गया है.
- इस अहम रूट पर आपको 5 टोल प्लाजा मिलेंगे.
- कार के लिए अनुमानित टोल एक तरफ का ₹675.
- सभी टोल बूथ पर FASTag अनिवार्य है.
- ये कई नेशनल हाईवे और चार धाम कॉरिडोर से जुड़ता है.
Delhi-Dehradun Expressway Toll Charges: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने देश की राजधानी और उत्तराखंड की राजधानी के बीच रोड कनेक्टिविटी को काफी बेहतर बना दिया है. तकरीबन 213 किलोमीटर लंबा ये मॉडर्न सिक्स-लेन कॉरिडोर सफर के वक्त को 6 घंटे से ज्यादा से घटाकर तकरीबन ढाई घंटे कर देता है, जिससे मुसाफिरों को तेज और आसान सफर का एक्सपीरिएंस मिलता है.
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बेहतरीन डिजाइन
ये एक्सप्रेसवे दिल्ली में अक्षरधाम के पास से शुरू होता है और देहरादून पहुंचने से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अहम जिलों - बागपत, शामली और सहारनपुर - से होकर गुजरता है. इसका एक बड़ा इंजीनियरिंग फीचर राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र से गुजरने वाला 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हिस्सा है, जिसे वन्यजीवों की आवाजाही पर असर को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है.
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कितना टोल टैक्स लगेगा?
इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों से कॉरिडोर पर बने 5 टोल प्लाजा के जरिए टोल वसूला जाता है. दिल्ली से देहरादून जाने वाली कार के लिए एक तरफ का अनुमानित टोल तकरीबन 675 रुपये है. 24 घंटे के भीतर लौटने वाले यात्री लगभग ₹1,010 का कंबाइंड टोल दे सकते हैं. बिना रुकावट यात्रा और इंतजार का समय कम करने के लिए सभी टोल पॉइंट पर FASTag-बेस्ड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट अनिवार्य कर दिया गया है.
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फास्टटैग जरूरी
इस एक्सप्रेसवे पर NHAI के FASTag एनुअल पास का इस्तेमाल भी हो सकेगा. 3,075 रुपये की कीमत वाला ये पास एक साल या 200 ट्रिप तक वैलिड होता है - जो भी पहले पूरा हो जाए. इससे अक्सर यात्रा करने वालों का खर्च काफी कम हो सकता है.
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चार धाम रूट की कनेक्टिविटी
दिल्ली और देहरादून के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के अलावा, ये कॉरिडोर कई अहम हाईवे से भी जुड़ता है, जिनमें NH-709B, NH-307, NH-344G और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे शामिल हैं. ये हरिद्वार के जरिए चार धाम रूट तक पहुंच को भी आसान बनाता है, जिससे पर्यटकों और तीर्थयात्रियों दोनों को फायदा होता है.