क्या है APAAR ID? जानें, रजिस्ट्रेशन से डाउनलोड करने तक का Step-by-Step प्रोसेस

APAAR ID कार्ड छात्रों के लिए जरूरी यूनिक आईडी है। जानें रजिस्ट्रेशन से लेकर लॉगिन और डाउनलोड करने तक का पूरा प्रोसेस आसान भाषा में।

Apaar card

Credit: News 24 Graphic

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APAAR ID: नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत छात्रों के लिए APAAR ID कार्ड की शुरुआत की गई है। इसका पूरा नाम है Automated Permanent Academic Account Registry। यह एक यूनिक स्टूडेंट आईडी है, जिसमें किसी छात्र की पूरी पढ़ाई से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी। इसे एक तरह का शैक्षणिक पहचान पत्र कहा जा सकता है।

क्यों जरूरी है APAAR ID?

अब हर स्कूल को अपने छात्रों के लिए यह आईडी बनवाना होगा। इस कार्ड की मदद से बच्चों के अकादमिक रिकॉर्ड, उपलब्धियां और अवॉर्ड्स सुरक्षित रहेंगे। बाद में जब बच्चे किसी नए कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेंगे, तो उन्हें पुराने रिकॉर्ड्स साथ लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी। सबकुछ ऑनलाइन और आसानी से उपलब्ध होगा।

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पैरेंट्स की सहमति जरूरी

अगर बच्चा नाबालिग है, तो उसके लिए यह आईडी बिना पैरेंट्स की अनुमति के नहीं बनाई जा सकती। इसके लिए एक पैरेंटल कंसेंट फॉर्म भरना और स्कूल में जमा करना होता है। तभी आगे की प्रक्रिया शुरू होती है।

रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

  • सबसे पहले APAAR की वेबसाइट पर जाएं।
  • यहां से ‘Resources’ सेक्शन में जाकर Parental Consent Form डाउनलोड करें।
  • फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें और बच्चे के स्कूल में जमा करें।
  • इसके बाद स्कूल और शिक्षा विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन प्रोसेस आगे बढ़ेगी।

ऑनलाइन आईडी बनाने की प्रक्रिया

  • Academic Bank of Credit (ABC) वेबसाइट पर जाएं।
  • दाईं ओर ऊपर ‘My Account’ पर क्लिक करें और ‘Student’ विकल्प चुनें।
  • अब आपको DigiLocker पर रजिस्टर करना होगा। इसके लिए आधार नंबर और कुछ अन्य बेसिक डिटेल्स डालनी होंगी।
  • लॉग-इन के बाद KYC वेरिफिकेशन करें और अपनी स्कूल/अकादमिक जानकारी भरें।
  • सारी डिटेल्स सबमिट करते ही आपका APAAR ID कार्ड तैयार हो जाएगा।

APAAR ID कार्ड कैसे डाउनलोड करें?

  • दोबारा ABC वेबसाइट पर जाकर अपने अकाउंट में लॉग-इन करें।
  • डैशबोर्ड पर आपको “APAAR Card Download” का विकल्प मिलेगा।
  • यहां से आप अपना कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं या प्रिंट निकाल सकते हैं।

क्या सभी छात्रों को बनवाना जरूरी है?

फिलहाल सरकार ने इसे अनिवार्य नहीं किया है, लेकिन ज्यादातर राज्य सरकारें अपने छात्रों को यह आईडी बनवाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्र के सभी रिकॉर्ड्स एक ही जगह सुरक्षित रहते हैं और भविष्य में कॉलेज एडमिशन या किसी भी तरह की शिक्षा से जुड़ी प्रक्रिया आसान हो जाती है।

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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