60 जगहों पर CBI की छापेमारी, महादेव सट्टेबाजी ऐप से जुड़े नेताओं और अफसरों पर शिकंजा

भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का जाल दिन-ब-दिन फैलता जा रहा है लेकिन अब CBI की ताबड़तोड़ छापेमारी से इस अवैध खेल की पोल खुल रही है। महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाले में नेताओं, अफसरों और पुलिस अधिकारियों तक की मिलीभगत सामने आ रही है। क्या अब इस गोरखधंधे का अंत करीब है?

CBI Raids in Mahadev Online Betting Scam

CBI Raids in Mahadev Online Betting Scam

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भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का अंधेरा अब और गहराता जा रहा है। ANI की रिपोर्स के अनुसार, महादेव बुक घोटाला सिर्फ एक सट्टेबाजी रैकेट नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और अपराध की जड़ें गहरी करने वाली साजिश है। जब आम लोग अपनी मेहनत की कमाई से अपना घर चलाने की जद्दोजहद कर रहे थे तब कुछ ताकतवर लोग अवैध सट्टेबाजी से करोड़ों कमा रहे थे। इस गोरखधंधे को बचाने के लिए सरकारी अधिकारियों तक को ‘प्रोटेक्शन मनी’ दी गई। अब CBI की छापेमारी से बड़े-बड़े नामों की पोल खुल रही है जिससे जनता को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। क्या सट्टेबाजी का यह खेल अब खत्म होगा?

महादेव बुक सट्टेबाजी मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली सहित 60 स्थानों पर छापेमारी की। ये छापे कई राजनेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों और महादेव सट्टेबाजी ऐप से जुड़े प्रमुख लोगों के परिसरों पर मारे गए। महादेव सट्टेबाजी ऐप एक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जिसे रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर द्वारा प्रमोट किया गया था। ये दोनों वर्तमान में दुबई में रह रहे हैं और भारतीय एजेंसियों के निशाने पर हैं।

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अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को मिला था ‘प्रोटेक्शन मनी’

CBI की जांच में खुलासा हुआ है कि इस अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को चलाने के लिए इसके प्रमोटरों ने कुछ सरकारी अधिकारियों को बड़ी रकम ‘प्रोटेक्शन मनी’ के रूप में दी थी। पहले यह मामला रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने दर्ज किया था, लेकिन बाद में छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे CBI को सौंप दिया ताकि इस घोटाले में बड़े अधिकारियों और अन्य आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच हो सके। CBI अधिकारियों ने तलाशी के दौरान कई अहम डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जब्त किए हैं जो इस सट्टेबाजी घोटाले की पूरी सच्चाई सामने लाने में मदद करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर भी छापेमारी

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला घटनाक्रम तब हुआ जब CBI ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के निवास पर भी छापेमारी की। यह छापा ऐसे समय में पड़ा जब बघेल आज दिल्ली जाने वाले थे जहां उन्हें ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की “ड्राफ्टिंग कमेटी” की बैठक में शामिल होना था। यह बैठक अहमदाबाद में 8-9 अप्रैल को होने वाली है। इस छापेमारी को लेकर बघेल के कार्यालय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर लिखा “अब CBI आ गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अहमदाबाद में होने वाली AICC बैठक के लिए दिल्ली जाने वाले थे लेकिन उससे पहले ही CBI ने रायपुर और भिलाई स्थित उनके आवास पर छापा मार दिया।”

राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप

CBI की इस बड़ी कार्रवाई से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। कांग्रेस ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है जबकि भाजपा का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई जरूरी है। महादेव बुक सट्टेबाजी घोटाले में अभी कई और बड़े नामों के सामने आने की संभावना है जिससे इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल CBI की जांच जारी है और जब्त किए गए दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

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