Smallest Penis: आज की दुनिया तेजी से बदल रही है, और साथ ही समाज के विचार भी बदल रहे हैं। पहले जो विषय एक समय में गुप्त रखे जाते थे, अब उन पर खुले तौर पर चर्चा हो रही है। लिंग का आकार भी ऐसा ही एक विषय है, जिसके बारे में पहले बहुत कम बात होती थी। लेकिन अब, समाज में एक जागरूकता बढ़ रही है, और लोग इस विषय पर खुलकर बात करना शुरू कर रहे हैं।
बिलकुल ऐसी ही है नार्थ केरोलिना में रहने वाले Michael Phillips की कहानी, माइकल को लंबे समय से अपने लिंग के छोटे आकार को लेकर चिंता थी। इस वजह से उनकी डेटिंग और सेक्स लाइफ पर बहुत असर पड़ा। लेकिन शर्मिंदा होने की बजाय, माइकल ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का खिताब जीतने का सोचा है।
यह भी पढ़े: NRI और ग्रीन कार्ड: अमेरिका में 100 साल का इंतजार जानें क्यों?
एवरेज लिंग आकार और माइकल की सिचुएशन
यूके में एवरेज लिंग का आकार 3.5 से 5.8 इंच के बीच होता है, जबकि माइकल, जो नॉर्थ कैरोलिना में रहते हैं, का लिंग एक इंच से भी छोटा है। उन्हें पहली बार हाई स्कूल में अपनी इस सिचुएशन का एहसास हुआ, जब उन्होंने एक लड़की को अपने लिंग के आकार के बारे में बताया। उस समय, उन्हें हंसी का सामना करना पड़ा, और तब से उन्होंने डेटिंग करना छोड़ दिया।
क्या है उनके जीवन में चुनौतियां
माइकल के लिए इस सिचुएशन का मतलब है कि वह यौन संबंध नहीं बना सकते और उन्हें बैठकर टॉयलेट करनी पड़ती है। हर बार बाथरूम जाने पर उन्हें अपनी इस समस्या की याद आती है। उन्होंने बताया, “मैंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की जांच की, यह देखने के लिए कि क्या सबसे छोटे लिंग का कोई रिकॉर्ड है और क्या मैं इसमें हिस्सा ले सकता हूं। मैं हर नकारात्मक चीज को सकारात्मक में बदलने की कोशिश करता हूं।”
डॉक्टर ने क्या कहा?
माइकल ने करीब चार-पांच महीने पहले डॉक्टर से सलाह ली। डॉक्टर ने बताया कि उनको ‘माइक्रोपेनिस’ नाम की बीमारी है। इसके बाद उन्हें यूरोलॉजिस्ट के पास भेजा गया। माइकल ने कहा, “मुझे हमेशा पता था कि यह छोटा है, लेकिन यह नहीं पता था कि इसके लिए कोई बीमारी भी होती है।”
माइकल ने बताया कि लिंग बढ़ाने की सर्जरी से सिर्फ एक से डेढ़ इंच तक की बढ़त हो सकती है। वे इस बारे में सोच रहे हैं, लेकिन अगर इतनी बढ़त होगी तो भी वे माइक्रोपेनिस की लिस्ट में रहेंगे, इसलिए वे नहीं जानते कि सर्जरी करवाना सही होगा या नहीं।
यह भी पढ़े: ये हैं दिल्ली के टॉप 5 अस्पताल जहां 5 रुपये में होता है कैंसर का इलाज
कैसे हर जगहा मिलता है मेंटल ट्रोमा
माइकल का कहना है कि यह समस्या उनके दिमाग में दिनभर रहती है। बाथरूम जाते समय, यह और भी मुश्किल हो जाती है। उन्होंने बताया, “मैं सार्वजनिक स्थलों पर टॉयलेट करने में मुश्किल महसूस करता हूं। एक बार मैंने एनएफएल गेम के लिए टिकट खरीदी थी, लेकिन शौचालय में केवल खड़े होकर टॉयलेट करने वाले यूरिनल थे, जिन्हें मैं इस्तेमाल नहीं कर सकता।” जिससे मुझे बहुत ही खराब महसूस हुआ था।
संबंधित खबरें
दिल्ली के 5-स्टार होटल में महिला को वॉशरूम से रोका, वीडियो वायरल
2 days agoफरिश्ता बन बच्चे को किया कैच, बालकनी से फिसलकर गिरा मासूम, देखें Video
3 days agoहिमंता बिस्वा सरमा से शख्स ने मांगा iPhone, वायरल हुआ असम के CM का रिएक्शन
5 days ago'आसमान में आपको कौन बचाएगा?', पायलट मच्छार का पुराना VIDEO हो रहा वायरल
7 days agoDU की छात्राएं क्यों कर रहीं प्रदर्शन? वायरल हुए ये नारे
8 days agoगधे के नाम पर जारी हुआ नर्सिंग सर्टिफिकेट, NSUI ने सिस्टम पर उठाए सवाल
8 days agoViral Video: सांड से टकराकर दो हिस्सों में टूटी लैंड रोवर डिस्कवरी
9 days agoछोड़ी IT की जॉब, चलाने लगीं रैपिडो ऑटो; बोलीं- कॉर्पोरेट से ज्यादा कमाई
9 days agoगुरुग्राम में MCG की मशीन में 'ऑटोमैटिक' क्या है? लोगों ने उठाए सवाल
9 days ago200 टन वजन, 308 पहिए, बेल्जियम टू UP... क्या लदा है 100 फुट लंबे ट्रक पर?
11 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines