क्या शादी के बाद पति को Ex के बारे में बताना सही? प्रेमानंद महाराज ने दिया ये जवाब

Premanand Maharaj : शादी के बाद क्या पति से पुराने संबंधों का जिक्र करना चाहिए? जानें इस पर मशहूर संत प्रेमानंद महाराज का क्या कहना है।

Premanand Maharaj (3)
विज्ञापन

Premanand Maharaj :  शादी के बाद पति और पत्नी के रिश्तों में कई कारणों से खटास आती है। इसमें एक कारण विवाह से पहले के संबंध भी माने जाते हैं। शादी के बाद पति से पुराने संबंधों का जिक्र करना चाहिए? यह ऐसा सवाल है, जिससे कई लोग परेशान होते हैं और कंफ्यूज रहते हैं। वृंदावन के प्रेमानंद महाराज ने इस पर अपनी राय दी है।

प्रेमानंद महाराज से सवाल पूछा गया कि क्या पुराने संबंधों को लेकर पति से बात करनी चाहिए या नहीं? इसकी जानकारी देने पर सब कुछ नष्ट हो गया। प्रेमानंद महाराज का कहना है कि कोशिश करनी चाहिए कि ना बताएं क्योंकि इससे पति के प्यार में कमी आ सकती है। ध्यान रखना चाहिए कि इस तरह की गलती ना बताएं और आगे से ऐसी गलती ना हो, इसका ख्याल रखना चाहिए।

Advertisment

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अगर कोई पहले मित्र रहा हो और गलत कदम उठ गए, इसके बाद आपकी शादी किसी और से हो गई तो उसे भूल जाओ और मान लो कि यह पिछले जन्म की बात थी। अब गलती मत करना, वरना परिवार बिखर जाएगा। अगर आपने ईमानदारी से बता दिया तो पति के मन में आपके लिए अच्छे विचार नहीं रहेंगे।


उन्होंने कहा कि महिलाओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जो हो गया, सो हो गया लेकिन आगे ऐसी गलती ना होने पाए। अगर कहीं पति ने मैसेज या कुछ देख लिया तो बहुत नुकसान हो जाएगा। यही बात पुरुष को भी ध्यान रखनी चाहिए। अगर उससे कोई गलती हुई है तो उसे छुपा ले और विवाद होने के बाद सिर्फ पत्नी के लिए भाव रखे।

विज्ञापन

कौन हैं प्रेमानंद महाराज?

प्रेमानंद महाराज वृंदावन में रहते हैं। वे राधारानी के परम भक्त और प्रसिद्ध संत हैं। उनकी सलाह लेने और उनकी बातें सुनने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं। प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ। बचपन में उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे हुआ करता था। प्रेमानंद महाराज ने संन्यास ले लिया और अब वह मथुरा के पास वृंदावन में रह रहे हैं।

विज्ञापन

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ