Maha Kumbh Mela Photo From Space: प्रयागराज में हर 12 साल में महाकुंभ का आयोजन होता है, सनातन धर्म के मानने वाले लोगों के लिए इसका तजुर्बा हमेशा के लिए यादगार हो जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रात के वक्त अंतरिक्ष से इस धार्मिक मेले का नजारा कैसा लगता है. अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के एस्ट्रोनॉट डॉन पेटिट ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से 2025 के महाकुंभ मेले की एक शानदार तस्वीर कैप्चर की है, जो सोशल मीडिया यूजर्स को हैरान कर रहा है.
अंतरिक्ष से महाकुंभ की तस्वीर
इस तस्वीर में यूपी के प्रयागराज में रोशनी से जगमगाता हुआ मेले का मैदान दिख रहा है, जो इस धार्मिक आयोजन के बड़े पैमाने को दिखाता है. डॉन पेटिट ने ये फोटो ISS पर रहते हुए ली थी, जहां वो 11 सितंबर, 2024 से 19 अप्रैल 2025 के बीच रहे और रिसर्च वर्क किया.
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स्पेस स्टेशन धरती के तरफ तकरीबन 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घूमता है, जिससे खास जगहों की रात में तस्वीर लेना एक मुश्किल काम होता है. खास कैमरों का इस्तेमाल करके, पेटिट ऑर्बिट से महाकुंभ के भव्य नजारे की तस्वीर लेने में कामयाब रहे.
फोटो शेयर करते हुए, पेटिट ने इसे 2025 के इलाहाबाद महाकुंभ का अपना 'बेस्ट शॉट'` बताया. उन्होंने बताया कि भारत की पवित्र नदियों के किनारे होने वाले इस आयोजन में लाखों लोग आते हैं और इसे दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जाता है.
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महाकुंभ की अहमियत
हिंदू परंपरा में महाकुंभ मेले का बहुत महत्व है. इसकी मुख्य रस्मों में से एक है त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान, जिसे गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों का मिलन स्थल माना जाता है. स्नान के खास दिनों में भक्तों, संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. शाही स्नान सबसे अहम रस्मों में से एक है, जिसमें सम्मानित संत पवित्र जल में रस्मी डुबकी लगाते हैं. कई तीर्थयात्रियों का मानना है कि शुभ मौकों पर संगम में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और जन्म-मरण के चक्र से आध्यात्मिक मुक्ति मिलती है. इस आयोजन का विशाल पैमाना महा कुंभ को अंतरिक्ष से देखने पर एक शानदार नजारा बनाता है.
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