पानी के नीचे रहकर यह शख्स हो गया 'दस साल छोटा', बना डाला वर्ल्ड रिकॉर्ड

World News : एक शख्स 93 दिन तक पानी के अंदर रहा और जब बाहर आया तो पता चला कि उसकी उम्र ‘दस साल’ कम हो गई है। इसके साथ ही उसके शरीर में कई बदलाव देखने को मिले तो सकारात्मक थे।

Man spend 93 days bottom of the Atlantic
विज्ञापन

World News : दुनिया भर में लगातार शोध होते रहते हैं। कहीं बीमारी के इलाज पर रिसर्च होती है तो कहीं तकनीक को लेकर शोध होता है। एक ऐसे ही शोध से हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। एक शख्स ने पानी के अंदर रहकर अपनी उम्र ‘दस साल’ कम कर ली है। दरअसल शख्स एक रिसर्च में शामिल हुआ था और रिसर्च के नतीजे सामने आए तो पता चला कि उसकी उम्र ‘दस साल’ कम हो गई है।

जोसेफ डिटूरी नाम के शख्स ने अटलांटिक महासागर में एक कॉम्पैक्ट पॉड में रहकर 93 दिन पानी के अंदर बिताए । जोसेफ डिटूरी एक रिटायर्ड नौसेना अधिकारी थे।९३ दिन पानी के अंदर रहना ना सिर्फ एक साहसिक काम था बल्कि वह महत्वपूर्ण रिसर्च का हिस्सा थे। इस पर शोध चल रहा था कि पानी के नीचे दबाव वाले वातावरण में रहने पर इंसान के शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है।

Advertisment

मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, जोसेफ डिटूरी ने 93 दिन तक पानी में रहकर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले पानी के नीचे 73 दिन तक रहने का रिकॉर्ड था। जोसेफ जब बाहर आए और उनकी जांच हुई तो पता चला कि उनके शरीर पर कई तरह सकारात्मक प्रभाव पड़े हैं।

93 दिन बाद पानी से निकलने के बाद जब जांच हुई तो पता चला कि टेलोमेरेस, और डीएनए कैप जो आम तौर पर उम्र के साथ सिकुड़ते जाते हैं, वो पहले की तुलना में 20 प्रतिशत लंबे थे। मतलब उसमें सिकुड़न कम हुई थी। इसके साथ ही स्टेम सेल की गिनती भी बढ़ गई थी। इसके साथ ही शरीर में कई अहम बदलाव हुए थे।

विज्ञापन

इतना ही नहीं, यह भी जानकारी सामने आई है कि उनकी नींद में अच्छा परिवर्तन देखने को मिला, कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो गया था और शरीर में सूजन भी कम हुआ था। बताया जा रहा है कि शरीर में हुए ये सकारात्मक बदलाव पानी के दबाव वाले क्षेत्र में रहने के कारण हुए। 93 दिन तक पॉड में रहने के दौरान जोसेफ डिटूरी का वजन कम हुआ, इसे भी सकारात्मक प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है।

विज्ञापन

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ